हाईकोर्ट ने आजम खान, पत्नी-बेटे की गिरफ्तारी पर लगाई रोक, फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने का है आरोप
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को आखिरकार हाईकोर्ट से राहत मिल गयी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि आजम खान व उनके परिवार पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप हैं, जिसमें उनके साथ उनकी पत्नी व बेटा भी नामजद है।

क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने रामपुर थाने में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा व बेटे अब्दुल्ला आजम के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इन पर आरोप है कि इन्होंने अपने बेटे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया और फिर फर्जी तरीके से पासपोर्ट भी बनवा लिया। तहरीर में फर्जी तरीके से बनवाये गये अभिलेख के सहारे चुनाव लड़ने पर भी सवाल उठाये गये हैं। मामले में रामपुर थाने में आजम खान व उनके परिजनों पर कूटरचना और धोखाधडी आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोर्ट में दाखिल की थी याचिका
इसी मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने व मुकदमे को खत्म करने के लिये आजम खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसमें आजम खान ने अपने बेटे के जन्म प्रमाण पत्र व परिस्थिति जन्य साक्ष्य से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराये हैं। फिलहाल लोकसभा चुनाव से पहले मुकदमें में राहत मिलने से आजम खान की मुश्किल कुछ समय के लिये कम हो गयी है।

हाईकोर्ट में क्या हुआ
इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने सुनवाई शुरू की। कोर्ट को बताया गया कि प्राइवेट व्यक्ति द्वारा दर्ज कराये गये इस मुकदमें की वैधानिकता सही नहीं है। अगर जिला प्रशासन की ओर से ऐसी कोई प्राथमिकी दर्ज करायी जाती तब केस चलाया जा सकता था। ऐसे में मुकदमा को रद्द किया जाना चाहिये। वहीं, कोर्ट का यह भी बताया गया कि आजम खान व उनके परिवार ने किसी को धोखा देकर किसी का नुकसान नहीं किया है, ऐसे में धोखाधडी का तो कोई मामला ही नहीं बनता। हाईकोर्ट ने बचाव पक्ष की ओर से दी गयी दलीलों के आधार पर आजम, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा व बेटे अब्दुल्ला आजम की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।












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