लोकसभा चुनाव में पहली बार 'बुआ-बबुआ' एक साथ करेंगे रैली, प्रयागराज में दोनों होंगे साथ
Prayagraj news, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद संसदीय सीट समेत फूलपुर व कौशांबी को कब्जे में करने के लिये बसपा-सपा की साझा चुनावी जनसभा होंगी। जिसमें एक ही मंच पर अखिलेश और मायवती नजर आएंगे। प्रयागराज जिले में संयुक्त रैली के लिऐ संभावित स्थानों की सूची बना दी गई है, जहां साझा रैली की जाएगी। हालांकि मायावती अपने प्रत्याशियों के लिए अलग से भी जनसभा करेंगी, लेकिन इलाहाबाद समेत फूलपुर व कौशांबी सीटें सपा के खाते में जाने के कारण यहां सिर्फ साझा रैली की ही योजना बनाई गई है।

11 संयुक्त रैली
उत्तर प्रदेश में गठबंधन बनाकर भाजपा को शिकस्त देने के लिऐ बनाई गयी चुनावी प्रचार रणनीति के तहत मायवती व अखिलेश अपने अलग-अलग व संयुक्त कार्यक्रम तय कर रहे हैं। जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अभी तक कुल 11 संयुक्त रैली का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बसपा के वोटों की संख्या फूलपुर व इलाहाबाद संसदीय सीट पर काफी है और यहां अगर प्रबलता से बसपा ने गठबंधन धर्म निभाया तो हार जीत के आंकडे में गठबंधन अधिक मजबूत दिखाई पड़ेगा। वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ में दूसरे स्थान पर रही बसपा के वोट बैंक को कोई नकार नहीं सकता है। ऐसे में संयुक्त रैली कर कौशांबी समेत आसपास की लोकसभा सीटों को एक साथ साधने का प्रयास किया जायेगा। यहां प्रयास यह होगा कि कार्यकर्ताओं को संदेश दिया जाये कि हर हाल में वोटों की एकजुटता आवश्यक है और उनमें बिखराव नहीं होना चाहिऐ।

मायवती की 40 से अधिक जनसभा
बसपा प्रमुख मायावती इस बार लोकसभा चुनाव के दौरान काफी एक्टिव नजर आएंगी। लगभग डेढ़ महीने के प्रचार प्रसार के दौरान वह 40 से अधिक जनसभाएं करेंगी। चूंकि महागठबंधन के बाद बसपा के 38 उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे। जिनके लिऐ कम से कम एक चुनावी जनसभा मायावती खुद करना चाह रही हैं। हालांकि जहां पर साझा रैली हो जायेगी वहां मायावती का अकेले फिर से चुनावी रैली करना मुश्किल है। लेकिन प्रारंभिक प्रचार रणनीति के तहत सभी जिला कमेटियों को भेजे के निर्देश के तहत तैयारी करने को कहा गया है।

बसपा के दिग्गज मांगेंगे वोट
सपा-बसपा और रालोद के गठबंधन के बाद उत्तर प्रदेश में सपा को 37 सीट, बसपा को 38 सीट व रालोद को 3 सीट मिली हैं। इन सभी सीटों पर बसपा की जिला कमेटी अपने स्तर पर कार्यक्रम तय करेंगी और गठबंधन के प्रत्याशी को जिताने के लिऐ बसपा के दिग्गज नेता जनसभा कर वोट मांगेंगे। हालांकि गठबंधन के प्रत्याशी के लिए मायावती खुद अलग से जनसभा नहीं करेंगी, केवल संयुक्त जनसभा में ही वह गठबंधन प्रतयाशियों के लिऐ वोट मांगेंगी। यहीं सभावना अखिलेश के साथ भी नजर आ रही है, जो सपा को मिली सीटों के लिऐ अपनी अलग से जनसभाएं भी करेंगे।












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