VIDEO: MP से प्रयागराज लाए गए 1200 प्रवासी श्रमिक, कई घंटे बाद जब केले-बिस्कुट मिले तो...
प्रयागराज। कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए देश में पिछले 25 मार्च से लॉकडाउन लगा हुआ है, जो अब 17 मई तक चलेगा। इस बीच उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। दरअसल, यहां मजदूरों को उनके घर वापस भेजने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है, जिसमें करीब 1200 मजदूर हैं। आरोप है कि, यहां मजदूरों को काफी देर तक भूखे प्यासे रखा गया। जब प्रशासन ने बिस्किट व केला मंगाया तो उसे लेने की होड़ मच गई। इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा। मौके पर मौजूद अधिकारी भी इस अव्यवस्था को दूर करने के बजाय दूर खड़े होकर मातहतों को निर्देश देने में ही लगे रहे।

सीएवी इंटर कॉलेज में बनाया गया था कलेक्शन सेंटर
दरअसल, सीएवी इंटर कॉलेज में कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। यहां मध्य प्रदेश से 39 बसों से लाए गए लगभग 1200 मजदूरों को रखा गया है। आरोप है कि, उन्हें कई घंटों तक भूखे प्यासे ही रखा गया है। पिछले कई घंटे से भूखे प्यासे मजदूरों के लिए प्रशासन की ओर से जब बिस्किट और केला मंगाया गया तो उसे लेने के लिए मजदूरों में होड़ सी मच गई। भूखे प्यासे मजदूर पार्क के अंदर से ही बिस्किट और केला पाने के लिए टूट पड़े। इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा।
वीडियो वायरल होने के बाद DM ने दी सफाई
इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरस होने के बाद प्रयागराज के डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सीएवी इंटर कालेज में प्रवासी मजदूरों के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। जहां पर मध्य प्रदेश से आए मजदूरों को उनके गृह जिलों में भेजे जाने के पहले रोका गया है। उन्होंने कहा है कि भीड़ जुटने पर केले और बिस्किट वितरित करने का कार्य भी रोक दिया गया है और बसों में बैठने के बाद उन्हें खाने पीने के सामान मुहैया कराये गए हैं।
आगरा में दूर से फेंककर दिया गया था पानी बिस्कुट
इससे पहले आगरा जिले में स्थित हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के क्वारंटाइन सेंटर में संक्रमण के डर से पीपीई किट पहनकर सरकारी कर्मचारी पानी की बोतल, बिस्किट लोगों को फेंकते नजर आए थे। यहां क्वारंटाइन किए गए व्यक्ति चैनल गेट के भीतर से हाथ बाहर निकालकर खाने पीने की चीजों पर टूट पड़े थे। डीएम प्रभु नारायण सिंह ने इसका वीडियो सामने आने पर जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने जांच में प्राथमिक तौर पर दोषी पाए गए बीडीओ मनीष को सस्पेंड करने का निर्देश दिया था।












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