एएमयू में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों ने ठुकराई ईद की दावत, कहा- हमारे जले पर नमक छिड़क रहे हैं...
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों ने राज्यपाल की ओर से ईद-उल जुहा पर पेश की गई दावत को ठुकरा दिया है। दरअसल, छात्रों के लिए सोमवार को एएमयू के गेस्ट हाउस-एक में दावत की व्यवस्था की गई है। छात्रों का कहना है कि करीब सप्ताह भर से वह परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, वो किस हाल में हैं, इसकी भी कोई खबर नहीं है। ऐसे में हम दावत नहीं खा सकते।

हॉल के प्रोवोस्ट ने जारी किया पत्र
एएमयू रजिस्ट्रार की ओर से ईद पर दोपहर के खाने के लिए छात्रों को संदेश जारी किया गया था। रजिस्ट्रार के पत्र का हवाला देते हुए सभी हॉल के प्रोवोस्ट ने भी पत्र जारी किया, जिसमें राज्यपाल की ओर से दावत देने की बात कही गई। सरकार ने इसके लिए संजय पंडित को लाइजनिंग ऑफिसर बनाया था। छात्रों को जैसे-जैसे ईद पर दोपहर के खाने की सूचना मिली, आपस में मंथन करने में जुट गए। शाम को तय किया गया कि दावत का बहिष्कार करेंगे।
'कैसे मना सकते हैं खुशी'
कश्मीरी छात्र जुबैर अल्ताफ ने कहा, पिछले करीब एक सप्ताह से हम अपने परिजनों से बात नहीं कर पाए हैं कि वह किस हाल में हैं। हमारे घरों के हालात ठीक नहीं हैं। हम खुशी कैसे मना सकते हैं? जम्मू कश्मीर के लोगों से सलाह लिए बगैर अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया। भोजन की बात कहकर हमारे जले पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। राज्यपाल सहानुभूति दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
वीसी लॉज में करेंगे लंच
बता दें, कश्मीरी छात्र कुलपति आवास पर आयोजित भोज में शामिल होकर ईद मनाएंगे। कुलपति ने उन्हें पहले ही आमंत्रित कर रखा है। एएमयू में कश्मीरी छात्रों की संख्या एक हजार के करीब है। वर्तमान में यहां 500 के करीब छात्र हैं। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद इंतजामिया ने उन्हें कैंपस न छोड़ने की सलाह दी थी। इसके चलते ही कुलपति ने उन्हें बकरीद पर दोपहर के खाने के लिए आमंत्रित किया था।












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