'एक दिन के योगा दिवस पर सरकार फिजूल में फूंकती है करोड़ों रुपए', AMU में उठे विरोध के सुर
अलीगढ़। यूपी के अलीगढ़ में आगामी 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर एएमयू में विद्रोह के स्वर उठने लगे हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की थेयोलॉजी के कोर्ट मेंबर व स्टूडेंट्स यूनियन के वाइस प्रेसीडेंट ने योग दिवस को लेकर अपना विरोध जताया है। उन्होंने कहा है कि योग को साइंस में एक सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। योग को साइंस का सब्जेक्ट बना देना चाहिए लेकिन योग को किसी एक खास मानसिकता के साथ जोड़कर कार्य नहीं करना चाहिए। हम इसके विरोध में हैं। जल्दी ही इस संबंध में प्रसीडेंट को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा जाएगा। वहीं दूसरी ओर छात्र संघ उपाध्यक्ष ने कहा कि योगा अच्छी चीज है, सालभर होनी चाहिए, किसी एक दिन के लिए इस पर करोड़ों रुपये नहीं फूंकने चाहिए।

छात्रसंघ उपाध्यक्ष एएमयू ने योग दिवस को लेकर कहा कि योग स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ मामला है। योगा करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है इसलिए इसको सालभर करना चाहिए। लेकिन किसी एक खास दिन साल भर में सिर्फ योगा करना ऊपर से उसपर करोड़ों रुपये ख़र्च करना ये गलत है। हम इसके विरोध में हैं। देश मे और भी बहुत ज़रूरतें हैं जहां पैसा खर्च करने की जरूरत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस भर्ती जैसी बुनियादी जरूरतों पर पैसा खर्च करना चाहिए न कि एक दिन योग दिवस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने चाहिए।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के थेयोलॉजी डिपार्टमेंट से एएमयू के कोर्ट मेंबर चुने गए छात्र ने कहा कि जिस प्रकार से ये कहा गया है प्रत्येक स्कूल कॉलेज योगा दिवस मनाएंगे इसका में वीर9ध करता हूँ। लेकिन अगर योगा को साइंस में बतौर पाठ्यक्रम शामिल किया जाता है तो इसका हम स्वागत करते हैं। योगा को अगर किसी एक खास विचारधारा के तहत थोपने का अगर विचार किया जा रहा है तो इसका हम विरोध करते हैं। हम ऊनी बात को राष्ट्रपति तक पहुंचाएंगे क्योंकि विरूफह करने का अधिकार है हमारे पास इसका हमें हमारा संविधान इजाज़त देता है।












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