अंधविश्वास: मृत बच्चे को जिंदा करने के लिए बुलाए गए तीन जिलों के तांत्रिक, 24 घंटे शव घेरकर चली क्रिया
उत्तर प्रदेश के अलीगढ में अंधविश्वास से जुड़ी एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। जिसमे एक सर्पदंश के कारण हुई एक बच्चे की मौत के बाद झाड़-फूंक से उसे जिंदा करने का प्रयास किया गया। जहां एक तरफ 2023 में विज्ञान और मेडिकल की तमाम सुविधाओं के बावजूद मृत व्यक्ति को जिंदा करना मुमकिन नहीं हो पाया है, वहीं एक मृत बच्चे को घेर कर बैठे ये बायगीर उसे जिंदा करने में घंटों जुटे रहे।
सर्पदंश से हुई बच्चे की मौत
बता दें कई विज्ञान को दी चुनौती देती ये तस्वीरें जिला अलीगढ़ के तहसील इगलास के गांव कारस की हैं। यहां एक 6 वर्षीय बालक को बुधवार की दोपहर 2 बजे सर्प ने डस लिया था। जिसके बाद परिजन बच्चे को आनन-फानन में इगलास सीएचसी ले गए। जहां से उसे अलीगढ़ रैफर कर दिया गया। जांच के बाद यहां डॉक्टरों द्वारा बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।


तीन जिलों से बुलाए गए तांत्रिक
इसके बाद बच्चे के परिजन शव को अपने घर ले आए और शव को गांव के स्कूल के बाहर रख दिया। फिर परिजनों द्वारा तीन जिलों से बायगीरों को बुलाया गया और बालक के शव को जमीन पर रखकर बायगीरों द्वारा 24 घंटे तक घंटे तक झाड़-फूंक व तंत्र विद्या की गई। इस दौरान तांत्रिकों द्वारा किये जाने वाले चमत्कार को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड लग गई।

24 घंटे चला बच्चे को जिंदा करने के लिए तंत्र-मंत्र
वहीं बायगीरों द्वारा अगले 24 घंटे तक मृत बच्चे को जीवित करने की कथित प्रक्रिया चलती रही। उसके बाद बायगीरों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। वहीं ग्रामीणों के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि पहले बाईगीरों के द्वारा विज्ञान को चुनौती देते हुए बालक को जिंदा करने की बात कही गई। लेकिन 24 घंटे बाद भी वो बच्चे को जिंदा करने में नाकामयाब रहे।












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