Aligarh News: सांसद रामजी लाल सुमन को धमकी देने वाला अंडरग्राउंड, करणी सेना ने किया आरोपी से किनारा
Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। एक युवक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिसमें उसने सांसद की हत्या करने वाले को 25 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा भी की।
वीडियो के वायरल होते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। आरोपी ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताया, लेकिन संगठन ने उससे साफ किनारा कर लिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है, और प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

वीडियो में धमकी देने वाला युवक मोहन, अलीगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है। उसने वीडियो में कहा कि अगर कोई और सांसद को गोली नहीं मारता, तो वह खुद यह काम करेगा। इस बयान ने सनसनी मचा दी है, और सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी सत्यता जांचने और आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। अलीगढ़ के एसएसपी संजीव सुमन ने बयान जारी कर कहा कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों को भी सख्त चेतावनी दी है। अगर कोई इस तरह की सामग्री पोस्ट करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार वीडियो की तकनीकी जांच भी कर रही है ताकि इसकी सोर्सिंग और साजिश का पता लगाया जा सके।
सपा सांसद ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
सांसद रामजी लाल सुमन ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है।
इस धमकी के बाद सपा कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। पार्टी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। समर्थकों में भी डर और गुस्सा दोनों का माहौल बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जोरदार बहस शुरू हो गई है। लोग इस तरह की खुली धमकियों से हैरान हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
एक्स, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस मामले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। कई लोगों ने आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ ने इसे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला बताया है।
करणी सेना ने किया किनारा
आरोपी ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताया था, लेकिन संगठन ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। करणी सेना के स्थानीय नेताओं ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह की हिंसा भड़काने वाली सोच का संगठन से कोई लेना-देना नहीं है।
संगठन ने यह भी कहा कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है और किसी भी तरह की अराजकता का समर्थन नहीं करता। इस मामले को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।












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