Sadhvi Anadi Saraswati: कांग्रेस ज्वाइन कर राजस्थान की इस खास सीट से चुनाव से लड़ सकती हैं साध्वी अनादि
Sadhvi Anadi Saraswati Ajmer North Seat: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में साध्वी अनादि सरस्वती अजमेर उत्तर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने की चर्चा है।
Sadhvi Anadi Saraswati Resign Reason: राजस्थान में चुनावी घमासान मचा हुआ है। साध्वी अनादि सरस्वती अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। वजह ये है कि साध्वी अनादि ने गुरुवार को भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली। अब राजस्थान चुनाव 2023 में अजमेर उत्तर सीट से साध्वी को टिकट मिलने की चर्चा होने लगी है।
साध्वी अनादि सरस्वती को जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार सुबह प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई है। साध्वी के कांग्रेस ज्वाइन करते ही अजमेर कांग्रेस में उनका विरोध शुरू हो गया है।

अजमेर कांग्रेस ने दिए सामूहिक इस्तीफे
खबर है कि साध्वी अनादि सरस्वती के विरोध में अजमेर जिला कांग्रेस के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। वहीं, अजमेर दरगाह इलाके में यह कहकर साध्वी अनादि सरस्वत का विरोध किया जा रहा है कि इनकी विचारधारा कांग्रेस पार्टी से मेल नहीं खाली है। इसलिए इन्हें कांग्रेस में शामिल करना उचित नहीं।
Recommended Video
साध्वी अनादि सरस्वती का इस्तीफा
बता दें कि 44 साल साध्वी अनादि सरस्वती ने भाजपा आलाकमान को भेजे अपने इस्तीफे में भाजपा छोड़ने की वजह का खुलासा नहीं किया है। लिखा है कि वे और उनके समर्थक अपरिहार्य कारणों से भाजपा से इस्तीफा दे रहे हैं। जबकि राजनीति के जानकार बताते हैं कि साध्वी अनादि ने चुनाव लड़ने के लिए भाजपा से इस्तीफा दिया है।

भाजपा ने वासुदेव देवनानी को दिया टिकट
साध्वी अनादि सरस्वती भाजपा की टिकट पर अजमेर उत्तर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती थीं, मगर भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची में यहां से पूर्व शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी को मैदान में उतारा है। इधर, कांग्रेस ने अजमेर उत्तर सीट से अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया। कहा जा रहा है कि कांग्रेस यहां से साध्वी अनादि को टिकट दे सकती है।
अजमेर की रहने वाली हैं साध्वी अनादि सरस्वती
उल्लेखनीय है कि एमए तक पढ़ी-लिखी साध्वी अनादि सरस्वती मूलरूप से अजमेर की रहने वाली हैं। 2008 में साध्वी अनादि सरस्वती ने प्रेमानंद सरस्वती से महानिर्वाण अखाड़े की पवित्र परंपरा के अनुसार दीक्षा ली थी। साल 1995 से अध्यात्म की राह पर है। इन्हें बेस्ट फीमेल संत ऑफ़ इंडिया का अवार्ड भी मिल चुका है।
अजमेर उत्तर सीट का इतिहास
उल्लेखनीय है कि अजमेर उत्तर सीट 2008 में अस्तित्व आई है। यहां से भाजपा के वासुदेव देवनानी 2008, 2013 व 2018 में चुनाव जीत चुके हैं। पिछले चुनाव में वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस के महेंद्र सिंह रलावता को हराया था। इससे पहले देवनानी ने अजमेर उत्तर सीट पर कांग्रेस डॉ. श्रीगोपाल बेहती के सामने दो बार जीत दर्ज की थी।
महेंद्र सिंह रलावता सचिन पायलट खेमे से हैं जबकि अशोक गहलोत गुट के धर्मेंद्र सिंह राठौड़ भी अजमेर उत्तर सीट से टिकट मांग रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस ने यहां की टिकट को फा इनल नहीं किया है। गहलोत-पायलट की सियासी लड़ाई में साध्वी अनादि सरस्वती को टिकट मिल सकती है।
अजमेर उत्तर विधानसभा चुनाव 2023












Click it and Unblock the Notifications