Padma Choudhary: अजमेर SDM पदमा चौधरी को बिना उत्तर लिखे ही मिले 7 नंबर! RAS रैंक 39 से 24 हो गई
Padma Choudhary: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS-2018 के फाइनल रिजल्ट में बड़ा संशोधन करते हुए अजमेर SDM पदमा चौधरी की मेरिट रैंक को 24 से घटाकर 39 कर दिया है। यह संशोधन करीब 4 साल बाद किया गया है।
आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित आदेश जारी करते हुए कार्मिक विभाग को भी इस बदलाव की सूचना भेज दी है। अब यह फैसला कार्मिक विभाग को लेना है कि पदमा चौधरी SDM पद पर बनी रहेंगी या सेवा आवंटन में बदलाव होगा।

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who is SDM Padma Choudhary: कौन हैं एसडीएम पदमा चौधरी
पदमा चौधरी राजस्थान प्रशासनिक सेवा में साल 2021 बैच की आरएएस अधिकारी हैं। पदमा चौधरी का जन्म 27 जुलाई 1994 को पाली जिले में हुआ है। एमए (अर्थशास्त्र) तक की शिक्षा पाने वालीं पदम चौधरी 11 सितंबर 2024 से अजमेर उपखंड अधिकारी पद पर कार्यरत हैं।
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अजमेर एसडीएम से पहले पदमा चौधरी बालोतरा बायतू व जोधपुर ग्रामीण में बावड़ी की उपखंड अधिकारी और जोधपुर व अजमेर में सहायक कलेक्टर भी रह चुकी हैं।

RAS Padma Choudhury कैसे आई विवाद में?
13 जुलाई 2021 को घोषित RAS-2018 के फाइनल रिजल्ट में पदमा चौधरी को नॉन-टीएसपी क्षेत्र में मेरिट रैंक 24 पर रखा गया था। बाद में सामने आया कि उन्होंने मेंस परीक्षा के चौथे पेपर में अंग्रेज़ी के प्रश्न संख्या 34 का उत्तर नहीं लिखा था, फिर भी उन्हें उस प्रश्न में पहले 0 और फिर 7 अंक दे दिए गए। इस विसंगति के चलते उनकी रैंक काफी ऊपर चली गई थी।
यह मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रदेशभर में सवाल उठे और विवाद गहराया। इसके बाद आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन कराया, जिसमें गलती की पुष्टि हुई।
SDM Padma Choudhury पर जांच और कार्रवाई
RPSC सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि मूल्यांकन में त्रुटि सामने आने पर पदमा चौधरी की संशोधित रैंक अब 39-ए कर दी गई है और पूर्व में दी गई रैंक 24 को रद्द कर दिया गया है। तीन परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन किया था। पहले दो (E-1 और E-2) ने प्रश्न 34 के उत्तर के लिए 0 अंक दिए, लेकिन तीसरे परीक्षक (E-3) ने बिना उत्तर के ही 7 अंक दे दिए। इसी परीक्षक को अब कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है।

पदमा चौधरी से लिए गए बयान
सूत्रों के अनुसार, आयोग ने SDM पदमा चौधरी को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट किया गया कि अभ्यर्थी की ओर से कोई गलती नहीं थी, त्रुटि पूरी तरह मूल्यांकनकर्ता की थी।
हनुमान बेनीवाल ने RPSC को आड़े हाथों लिया
नागौर सांसद व RLP नेता हनुमान बेनीवाल ने इस मामले पर RPSC को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने 26 अप्रैल 2025 को शहीद स्मारक पर मीडिया के सामने इस मामले के प्रमाण सार्वजनिक किए थे। बेनीवाल ने RPSC पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए RAS-2018 की मेंस परीक्षा की सभी उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने और आयोग को भंग करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह महज एक उदाहरण है, और कई अन्य अभ्यर्थियों के साथ भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुई हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं भ्रष्टाचार के मामले
इससे पहले साल 2021 में भी RAS इंटरव्यू के दौरान भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। ACB की जांच में खुलासा हुआ था कि आयोग के कार्मिक सज्जन सिंह गुर्जर ने एक अभ्यर्थी से अच्छे अंक दिलाने के एवज में 25 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत सत्यापित करने के बाद ACB ने उसे अजमेर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
RAS-2018 परीक्षा में चयन प्रक्रिया
RAS 2018 के लिए आयोग ने कुल 1051 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की थी, जिनमें 1014 पद नॉन-टीएसपी और 37 पद टीएसपी क्षेत्र के थे। इस परीक्षा में झुंझुनूं की मुक्ता राव टॉपर रहीं, जबकि मनमोहन शर्मा और शिवाक्षी खांडल क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। जयपुर से सबसे अधिक अभ्यर्थी टॉप-10 में शामिल हुए थे।












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