अहमदाबाद: नानूकाका एस्टेट के केमिकल प्लांट में हुए धमाके, कपड़ा गोदाम के 4 मजदूर जिंदा जले
अहमदाबाद। गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में नानूकाका एस्टेट स्थित एक कपड़ा गोदाम में आग लग गई। उस समय वहां काफी लोग मौजूद थे। आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया कि, जलते हुए कपड़ा गोदाम से तीन लोगों को बचाया गया है। वहीं, 4 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। मौके पर आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। फायर ब्रिगेड की और टीमें बुलवाई गई हैं।
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यह हादसा अहमदाबाद शहर के पिराना-पिपलाज मार्ग पर नानूकाका एस्टेट में एक केमिकल प्लांट में हुआ। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, एक केमिकल यूनिट में करीब पांच बार धमाके हुए, जो कि संभवत: टैंक एवं बैरल के समायोजित हुए। वहीं, कपड़ा गोदाम धधका उठा। कपड़ा तैयार करने और पैकिंग करने वाले गोदाम में आग से लाखों का माल जल गया है। चार मजदूरों के जलकर मरने की पुष्टि हो चुकी है।

अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (एएफईएस) के प्रमुख मिनोच दस्तूर के मुताबिक, इस हादसे में 8 लोगों की जान जाने की आशंका है। हालांकि, मौके से कुछ को बचा भी लिया गया। जबकि कुछ अन्य संभवतः मलबे के नीचे दब गए। दस्तूर ने बताया कि, कपड़े गोदाम में आग उससे सटे प्लांट में विस्फोट के कारण लगी। रासायनिक कारखाने के बगल में ही कपड़ा गोदाम स्थित था। जिसकी दीवार ध्वस्त हो गई और आग लग गई।

आग बुझाने के लिए अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (एएफईएस) के 12 वाहन लगा दिए गए। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि, एएफईएस के दस्ते को वहां फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला। ऐसे में अब केमिकल प्लांट के संचालकों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले पर टेक्सटाइल गोदाम के मालिक का कहना है कि, 'मेरे नुकसान के लिए यहां चल रहा रासायनिक कारखाना जिम्मेवार है, जो कि अवैध रूप से चल रहा था।'












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