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रिटायरमेंट के बाद IPS ऑफिसर डीजी वंजारा का प्रमोशन, गुजरात सरकार ने IGP बनाया

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अहमदाबाद. इशरत जहां और सोहराबु्द्दीन एनकाउंटर मामलों में बरी हुए आईपीएस ऑफिसर डीजी वंजारा का प्रमोशन हो गया है। गुजरात सरकार ने उन्हें आईजी का पद सौंपा है। वंजारा 2014 में ही सेवानिवृत्त हो चुके थे मगर, सरकार ने उन्हें पुरानी तारीख से प्रमोशन दे दिया। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, नये आदेश के बाद वंजारा 2007 से आईजी के पद पर नियुक्त हुए माने जाएंगे। प्रमोशन के साथ-साथ उन्हें तनख्वाह और पेंशन में भी फायदा मिलेगा।

नियुक्ति 29 सितंबर 2007 से कराई गई

नियुक्ति 29 सितंबर 2007 से कराई गई

वंजारा खुद ट्विटर पर अपने प्रमोशन का पत्र शेयर किया। गुजरात सरकार ने मंगलवार को ये आदेश जारी किया था। आईजीपी के रूप में उनकी नियुक्ति 29 सितंबर 2007 से कराई गई है। मालूम हो कि, वंजारा को पिछले साल ही सीबीआई कोर्ट ने इशरत जहां एनकाउंटर के केस में मुक्त करने का आदेश दिया था। वंजारा की दलील थी कि उन्हें इस केस में आरोपी बनाकर उनके खिलाफ दायर की गई चार्जशीट से पहले सीआरपीसी की धारा 197 के मुताबिक सीबीआई ने राज्य सरकार से मंजूरी नहीं ली, इसलिए उन्हे मुक्त किया जाए। कोर्ट ने इस मामाले में सभी पक्षकारों को सुनकर राज्य सरकार की मंजूरी के बिना कार्रवाई के मुद्दे को ध्यान में रखकर डीजी वंजारा और साथी पुलिस अफसर को मुक्त कर दिया था।

फेक एनकाउन्टर के आरोप थे

फेक एनकाउन्टर के आरोप थे

डीजी वंजारा पर गुजरात में एक और फेक एनकाउन्टर के भी आरोप थे। यह केस था सोहराबु्द्दीन एनकाउंटर का। इस केस को गुजरात से मुंबई ट्रांसफर किया गया था, हालांकि इस केस में भी बंबई हाइकोर्ट से डीजी वणजारा को क्लीन चीट दे दी गई। वर्ष 2004 में अहमदाबाद पुलिस के द्वारा कतरपुर वोटर वर्कस के पास इशरत जहां, जावेद जीशान, और अमजद को मार दिया गया था। पुलिस का दावा था कि ये चारों आतंकी थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या के इरादे से यहां आए थे। इस मामले में इशरत जहां की मां ने गुजरात हाइकोर्ट में रिट पिटीशन दायर कर इस एनकाउंटर की जांच की मांग की थी।

दोनों केसों में हुए बरी

दोनों केसों में हुए बरी

इशरत जहां एनकाउंटर मामले की जांच पहले हाइकोर्ट की खास टीम के जरिए की गई थी और बाद में सीबीआई को इस जांच को सौंपा गया था। सीबीआई ने इस मामले में एनकाउंटर को फर्जी बताकर डीजी वंजारा समेत शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। सीबीआई का इस पूरे एनकाउंटर मामले में दावा था कि सभी आरोपी पहले से ही कस्टडी में थे, फिर भी पुलिस ने उनकी हत्या की।

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English summary
DG Vanzara promoted As Inspector General of Police (IGP) by the Gujarat government
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