एयर इंडिया AI-171 हादसे जांच में USA-ब्रिटेन की एंट्री क्यों? क्या भारत अपनी जांच खुद नहीं कर सकता?
Air India AI-171 Crash Investigation: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 की दोपहर को एयर इंडिया फ्लाइट AI‑171 (Boeing 787‑8 Dreamliner) हादसे के तीन दिन बाद जब अमेरिकी और ब्रिटिश जांच एजेंसियों के अधिकारी भारत पहुंचे, तो कई लोगों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि जब हादसा भारत में हुआ। विमान भारतीय था और एयरलाइन भी भारत की थी, तो फिर अमेरिका और ब्रिटेन की जांच एजेंसियां हादसी की जांच में क्यों शामिल हो रही हैं? क्या भारत को अपनी जांच के लिए विदेशी मदद की जरूरत है?
इस सवाल का जवाब किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय नियम में छिपा है, जिसे दुनिया के 193 देश मानते हैं। ये नियम यह तय करते हैं कि किसी भी विमान हादसे की जांच कैसे, किसके नेतृत्व में और किन देशों की भागीदारी से होगी?

यह भी पढ़ें- एयर इंडिया हादसे के बाद इन 2 पायलट व 10 क्रू मेंबर को मरा समझ लिया गया, ये निकले ज़िंदा, RIP वीडियो वायरल
शिकागो कन्वेंशन और Annex 13 क्या है?
1944 में हुए शिकागो कन्वेंशन (Chicago Convention) ने विमानन सुरक्षा के लिए एक वैश्विक ढांचा तय किया। इस समझौते के तहत बने नियमों की निगरानी अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) करता है, जो संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी है।
यह भी पढ़ें- क्या एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 में पायलट ने हड़बड़ी में चालू इंजन को कर दिया था बंद? प्लेन क्रैश की असली वजह
इस कन्वेंशन का एक अहम हिस्सा है Annex 13, जो स्पष्ट करता है कि किसी विमान दुर्घटना की जांच कौन करेगा और किसे उसमें भाग लेने का अधिकार होगा। इसका मकसद किसी पर दोष तय करना नहीं, बल्कि तकनीकी कारणों को समझकर भविष्य की उड़ानों को सुरक्षित बनाना है।
किन देशों को जांच में भाग लेने का अधिकार होता है?
Annex 13 के Chapter 5 के अनुसार, किसी भी विमान हादसे की जांच की मुख्य ज़िम्मेदारी "State of Occurrence" यानी जिस देश में हादसा हुआ, उसकी होती है। इसके साथ ही कुछ अन्य देशों को भी जांच में भाग लेने का औपचारिक अधिकार है।
State of Registry - जहां विमान पंजीकृत है
- State of the Operator - जिस देश की एयरलाइन विमान चला रही थी
- State of Design - विमान का डिज़ाइन किस देश से संबंधित है
- State of Manufacture - विमान बना किस देश में था
एयर इंडिया AI-171 केस में कौन-कौन शामिल?
भारत: हादसा भारत में हुआ, विमान एयर इंडिया का था और भारत में ही पंजीकृत था। इसलिए भारत State of Occurrence, State of Registry और State of the Operator तीनों की भूमिका में है। जांच का नेतृत्व भारत का Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) कर रहा है।
अमेरिका: विमान बोइंग का था और इसके इंजन General Electric ने बनाए थे। दोनों अमेरिकी कंपनियां हैं। अमेरिका इसलिए State of Design और State of Manufacture के रूप में जांच में शामिल है। इसीलिए NTSB और FAA के अधिकारी भारत आए हैं। साथ ही बोइंग भी NTSB की टीम का हिस्सा बनकर विशेषज्ञ भेज सकता है।
ब्रिटेन: विमान में 53 ब्रिटिश नागरिक सवार थे, जिनकी मौत हुई। इसलिए ब्रिटिश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) को भी जांच में भाग लेने का अधिकार है। इन सभी देशों के विशेषज्ञ न सिर्फ मलबे की जांच कर सकते हैं, बल्कि तकनीकी सुझाव दे सकते हैं और अंतिम रिपोर्ट प्राप्त करने के हकदार होते हैं।
दखल नहीं, ज़रूरी प्रक्रिया है
विदेशी एजेंसियों की भागीदारी कोई दखल नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया और आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करता है कि जांच निष्पक्ष, तकनीकी रूप से मजबूत और व्यापक हो। आधुनिक विमानन व्यवस्था में एक देश में हुई दुर्घटना से सीखी गई बात दुनिया भर की उड़ानों को सुरक्षित बना सकती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर दिल्ली में किसी एयरक्राफ्ट के डिज़ाइन में खामी सामने आती है, तो वह डिट्रॉयट, जकार्ता या लंदन की उड़ानों को भी सुरक्षित बना सकती है।
भारत में पहले भी लागू हुआ है ये नियम
भारत इस प्रक्रिया को पहले भी देख चुका है। उदाहरण के लिए, 2010 में मैंगलोर में हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 812 हादसे में भी अमेरिका और अन्य देशों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था, क्योंकि वह विमान भी बोइंग का था।
अहमदाबाद विमान हादसा 2025 का विवरण
12 जून 2025, लगभग 13:38 IST (08:08 UTC) पर अहमदाबाद हवाईअड्डे से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए टेक‑ऑफ़ के बाद तुरंत दुर्घटना हुई। विमान उड़ान भरने के बाद अहमदाबाद के मेघानी नगर के पास बी.जे. मेडिकल कॉलेज होस्टल पर क्रैश हो गया। कुल 274 लोग मारे गए। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से सिर्फ एक यात्री विश्वास रमेश कुमार जिंदा बचा। मरने वालों में गुजरात पूर्व सीएम विपण रूपाणी समेत 229 यात्री, दो पायलट, 10 क्रू मेंबर और 33 वो लोग थे, जो बी.जे. मेडिकल कॉलेज होस्टल में रहते हुए क्रैश हुए विमान की चपेट में आ गए थे।
यह भी पढ़ें- Gopal Shastri Vyas ने 12 दिन पहले कैसे की विमान हादसे की भविष्यवाणी? Air India प्लेन क्रैश के बाद FIR की मांग












Click it and Unblock the Notifications