योगिता हत्याकांड: 'वो किसी और की हो जाए, बर्दाश्त नहीं था', विवेक तिवारी ने पुलिस के सामने कहा
आगरा। डॉक्टर योगिता गौतम हत्याकांड मामले में गिरफ्तार हुए मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विवेक तिवारी ने पुलिस पूछताछ में हत्या के तरीके से लेकर वजह तक की जानकारी दी। इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने के पीछे जो उसने वजह बताई वो भी काफी हैरान करने वाली थी। दरअसल, विवेक तिवारी ने पुलिस को बताया कि मैं योगिता से शादी करना चाहता था। लेकिन योगिता उससे दूरी बना रही थी, उसे लगा कि वो किसी और को चाहने लगी है। उसे यह बर्दाश्त नहीं था कि वो किसी और की हो जाए।

आखिरी बार मिलने के लिए बुलाया था योगिता को
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवेक तिवारी ने पूछताछ में बताया कि उसने फोन कर योगिता को मिलने के लिए बुलाया था। फोन पर कहा था चाहे फिर कभी न मिलना, लेकिन आखिरी बार मुलाकात के लिए आ जाओ, कुछ बात करनी है। उसे कार में ले गया और उसे पूछा कि उससे शादी करेगी या नहीं? उसके इनकार करते ही, जान ले ली। सीओ कोतवाली चमन सिंह चावड़ा ने विवेक से हुई पूछताछ का कुछ जानकारी मीडिया को दी।

मिली है सीसीटीवी फुटेज
खबर के मुताबिक, विवेक मंगलवार शाम तकरीबन साढ़े छह बजे वह आगरा आया। डॉ. योगिता नूरी गेट पर राहुल गोयल के मकान में किराये पर रहती थी। उसके घर के बाहर पहुंचकर 7:30 बजे फोन किया। सिर्फ इतना कहा कि आखिरी मुलाकात के लिए आ गया हूं, बाहर आओ। योगिता फोन पर बात करते हुए बाहर आई। विवेक ने उसे अपनी काले रंग की टाटा नेक्सान कार में बिठा लिया। इसका फुटेज भी मिला है।

योगिता ने थप्पड़ मारा, मैंने गला दबा दिया
कार में बैठते ही योगिता आग बबूला हो गई। उसने कहा, तुमसे कभी बात नहीं करूंगी, तुमने मुझे इस्तेमाल किया है, मैं तुमसे नफरत करती हूं, मेरी जिंदगी से चले जाओ। विवेक ने बताया कि हम प्रतापुरा तक पहुंच चुके थे। उससे कहा, आखिरी बार पूछ रहा हूं, मुझसे शादी करोगी या नहीं। योगिता ने गाल पर थप्पड़ मारकर, मेरे सिर के बाल पकड़ लिए और चिल्लाकर कहा, नहीं.. नहीं.. सौ बार सुन लो नहीं। मैंने जोर से उसका गला दबा दिया।

पहले सिर में गोली मारी, फिर चाकू
विवेक ने बताया कि वो पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर लोड करके लाया था। गला दबाने से जब योगिता नहीं मरी, तो उसके सिर में गोली मार दी। यह पार नहीं हुई। उसे लगा कि शायद मरी नहीं है, इसलिए चाकू से सिर में उसी घाव पर प्रहार किए जो गोली से बना था। इसके बाद कई जगह प्रहार किए। तब तक फतेहाबाद रोड पर पहुंच चुके थे। गाड़ी सड़क किनारे करके उसकी हत्या की। इसके बाद आगे बढ़ गया। डौका क्षेत्र के बमरौली गांव के समीप शव डालकर फरार हो गया।

'अगर योगिता से शादी करता... तो मेरी बहन कुंवारी रह जाती'
विवेक तिवारी योगिता से शादी करना चाहता था, लेकिन इससे पहले अपनी बहन नेहा के हाथ पीले करना चाहता था। उसे लगता था कि अगर पहले अपनी शादी कर ली तो बहन की शादी नहीं हो पाएगी। क्योंकि वो ब्राह्मण था और योगिता अनुसूचित जाति से थी। लोग कहेंगे कि उसने एससी से शादी की है, बहन के रिश्ते नहीं आएंगे। इस कारण योगिता से कह रहा था कि थोड़ा और रुक जाओ, लेकिन वह उसकी बातों को फरेब समझ रही थी। उसने कह दिया कि तुम फरेबी हो, तुमसे रिश्ता नहीं रखना है।

2009 में शुरू हुई थी दोस्ती, 2020 में हुआ खौफनाक अंत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2009 में विवेक तिवारी और योगिता के बीच दोस्ती हुई थी। इसी साल मुरादाबाद के तीर्थकर मेडिकल कॉलेज में योगिता ने एमबीबीएस में दाखिला लिया था। विवेक एक साल सीनियर था। दोनों की दोस्ती के बाद बातचीत शुरू हो गई। एमबीबीएस के बाद दोनों मेडिकल ऑफिसर बन गए। योगिता इटावा में तैनात हुई। विवेक जालौन में। योगिता ने एमएस के लिए नौकरी छोड़ दी। विवेक करता रहा। 15 अगस्त को योगिता का एमएस का रिजल्ट आ गया। विवेक ने बताया कि इससे उसका तनाव और बढ़ गया। उसे लगा कि अब तो योगिता को उससे भी अच्छा रिश्ता मिल जाएगा, इसलिए उससे शादी नहीं करेगी।












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