ताज महल के दीदार में घटती दिलचस्पी विदेशियों की
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। क्या भारत आने वाले विदेशी सैलानियों को अब प्रेम का प्रतीक ताजमहल अपनी तरफ आकर्षित नहीं कर रहा है ? अगर विदेशी सैलानियों के ताज महल में आने की तादाद को आप देखेंगे तो आपको मानना पड़ेगा कि कोई बात तो है जिसके चलते विदेशी सैलानी ताज महल के दीदार के लिए कम पहुंच रहे हैं।

एक बात ताज महल की सुंदरता पर अब प्रदूषण का खतरा भी मंडरा है। उसकी सुंदरता पहले वाली नहीं रही। उसका रंग गड़बड़ा रहा है। पहले आंकड़ों की बात हो जाए। साल 2012 में इधर 7.4 लाख विदेशी सैलानी पहुंचे। यह आंकड़ा साल 2013 में हो गया 7.4 लाख और इस आंकड़े में तगड़ी गिरावट दर्ज हुई पिछले साल।
सात लाख से कम
साल 2014 में इधर सात लाख से भी कम विदेशी पहुंचे। कुल आए 6.9 लाख विदेशी सैलानी। आर्किलाजिक्ल सर्वे आफ इंडिया की तरफ से जारी आंकड़ों में उक्त जानकारी मिली है कि विदेशी सैलानी लगातार ताज महल कम पहुंच रहे हैं।
क्यों घटी दिलचस्पी
क्या ताज महल को लेकर विदेशी सैलानियों की दिलचस्पी घट रही है... जानकार इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते। वे इस बात से भी अचंभित हैं कि ताज महल विदेशी सैलानियों को अब अपनी तरफ पहले के मुकाबले नहीं खींच रहा है।
हाल तक आगरा के एक नामवर अखबार से जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार सी.के. मिश्र मानते हैं कि आगरा में जिस तरह से दलाल बिरादरी विदेशी सैलानियों को लूटने के काम में व्यस्त रहती है, इसक चलते भी मुमकिन है कि बहुत से सैलानी अब आगरा आने से बचते हों। उन्होंने कहा कि होटल, रेस्तरां,बाजारों वगैरह में विदेशियों को लूटने के फिराक में लोग रहते हैं। जाहिर है, इन हालातों में कोई भी आगरा जाने से पहले दस बार सोचेगा।
हालांकि सिर्फ संतोष करने लायक बात यह है कि ताज महल में देसी पर्य़टक लगातार पहुंच रहे हैं। उनकी संख्या भी बढ़ रही है। 2014 में 53.7 लाख देसी पर्यटक ताज महल देखने पहुंचे जबकि 2013 में आए थे 50 लाख से कुछ ज्यादा।












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