Agra: 35 भैंसों को बनाया बंधक, 3 दिन तक नहीं आया कोई छुड़ाने, फिर आया विधायक जी का कॉल
उत्तर प्रदेश के आगरा में नगर निगम की टीम ने यमुना में नहा रहीं भैंसों को पकड़कर कांजी हाउस में बंद कर दिया। लेकिन हैरान करने वाली बात तो ये है कि इसके बाद तीन दिन तक कोई भी भैंसों को छुड़ाने नहीं आया। चौथे दिन एक स्थानीय विधायक ने नगर निगम के अधिकारियों को कॉल कर भैंसों को छुड़ाने की सिफारिश की।
भैंसों को पकड़ने के लिए नगर निगम का अभियान
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यमुना में भैंसों को नहलाना, कपड़े धोना, कचरा डालना प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसके चलते यमुना नदी में गंदगी फैला रहीं भैंसों को पकड़ने के लिए आगरा नगर निगम अभियान चला रहा है। निगम कर्मचारी गली-गली घूमकर छुट्टा भैंसों को पकड़ रहे हैं। इसी क्रम में निगम की टीम ने अभियान के तहत कुछ भैंसों को पकड़ा तो उन्हें छुड़वाने के लिए एक विधायक ने सिफारिश की। विधायक ने पकड़ी गई भैसों को छुड़ाने के लिए निगम अधिकारियों को फोन किया और जुर्माना कम करने और अंतिम मौका देने की बात कही।

विधायक ने की सिफारिश, तब छोड़ीं 7 भैंसे
वहीं विधायक की सिफारिश के बाद जुर्माने की रकम को 20 हजार से घटाकर 5 हजार कर दिया गया। जिसके चलते 5 हजार रुपये का जुर्माना भरने के बाद पशुपालक अपनी 7 भैंसों को ले गए। लेकिन कुल पकड़ी गई 35 भैंसों में से अभी 7 ही छोड़ी गई हैं। 28 भैंसें अभी भी नगर नगर निगम के कांजी हाउस में बंद हैं। विधायक के कहने पर पशुपालकों को अंतिम मौका दिया गया है।
28 भैंसें अभी भी कांजी हाउस में बंद
बता दें कि 7 जून को सुप्रीम कोर्ट अनुश्रवण समिति की बैठक में मंडल आयुक्त अमित गुप्ता ने यमुना नदी को गंदा करने वालों से जुर्माना वसूलने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद नगर निगम ने अभियान चलाया और नदी के आसपास से 35 भैंसें पकड़ी। प्रति भैंस ₹20 हजार का जुर्माना वसूला जाना था। लेकिन तीन दिन तक कोई भी भैंसों को छुड़ाने नहीं आया। चौथे दिन विधायक ने नगर आयुक्त को फोन किया और पशुपालकों को अंतिम मौका देने की सिफारिश की।












Click it and Unblock the Notifications