Agra Elevated Road: सिकंदरा से यमुना किनारे ताजमहल तक बनेगा एलिवेटेड रोड, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
Agra Elevated Road: ट्रैफिक जाम से जूझ रहे आगरा शहर में राहत देने के लिए यमुना किनारे सिकंदरा से ताजमहल के बीच एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है। यह प्रस्ताव विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने जिला प्रशासन को दिया है।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम को इस परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, दूसरा एलिवेटेड रोड भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच बनाने की योजना पर भी चर्चा हो रही है। इस संबंध में सेतु निगम ने यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के साथ बैठक की है।

ट्रैफिक दबाव कम करने की योजना
डॉ. धर्मपाल सिंह का कहना है कि एमजी रोड, यमुना किनारा, और बाईपास रोड पर वाहनों का दबाव और जाम की समस्या आम हो गई है। यमुना किनारे सिकंदरा से ताजमहल के बीच नया रोड बनाने से प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा। यह रोड खंदारी, कमला नगर, बल्केश्वर, और आगरा किला जैसी जगहों से जुड़ेगा, जिससे शहर में सुगम यातायात सुनिश्चित होगा।
इस परियोजना के लिए स्थानीय स्तर पर डीपीआर तैयार की जा रही है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा। आगरा में लंबे समय से नई सड़कों का नेटवर्क नहीं बना है, जिससे शहर की ट्रैफिक समस्या और बढ़ गई है।
भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक एलिवेटेड रोड
सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरबी दिवाकर ने बताया कि भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच एलिवेटेड रोड की योजना पर भी विचार चल रहा है। इस रूट की उपयोगिता और लागत का मूल्यांकन किया जा रहा है। यूपी मेट्रो के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
15 साल पहले बनी थी स्काई बस की योजना
वर्ष 2006 में जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशन के तहत सिकंदरा से ताजमहल तक यमुना किनारे स्काई बस चलाने की योजना बनी थी। इस परियोजना पर 997.90 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन बजट के अभाव में यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।
50 साल से नई सड़क का इंतजार
आगरा में वर्ष 1975 के बाद से किसी बड़ी सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। उस समय एमजी रोड का चौड़ीकरण किया गया था। तब से लेकर अब तक, ट्रैफिक का दबाव बढ़ने और अवैध कब्जों के चलते यह सड़क संकरी होती चली गई है।
आगरा में ट्रैफिक की बढ़ती समस्या और जनसंख्या के दबाव को देखते हुए नई सड़कों का निर्माण बेहद जरूरी है। यमुना किनारे एलिवेटेड रोड जैसे प्रोजेक्ट शहर को नई राह दे सकते हैं। अब यह देखना होगा कि प्रस्तावित योजनाएं कितनी जल्दी धरातल पर उतरती हैं।












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