शीला पर FIR , हाईकोर्ट पहुंचने की तैयारी में दिल्ली सरकार
नयी दिल्ली। साल 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी खर्च पर पार्टी का प्रचार और विज्ञापन मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है। विज्ञापन अभियान में सरकारी फंड के दुरुपयोग मामले में शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अब दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट जाने का मन बना लिया है।
दिल्ली सरकार नहीं चाहती कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शीला दीक्षित के खिलाफ गंभीर आरोप लगे और पार्टी को इसका नुकसान भुगतना पड़े। निचली अदालत के आदेश के बाद दिल्ली सरकार आज हाईकोर्ट जाएंगी। चीफ जस्टिस एन. वेंकटरमण और जस्टिस प्रदीप नंदराजोग की पीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा ने इस प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में तुरंत सुनवाई की जरूरत है और इसे आज से ही सुना जाए।

दरअसल 2008 के विदानसभा चुनाव के दौरान शीला दीक्षित ने पार्टी के चुनाव प्रचार पर 22.56 करोड़ रुपए सरकारी खजाने से ख र्च किए थे। लोकायुक्त ने उन्हें ये धन वापस करने का आदेश दिया था। जिसे शीला दीक्षित ने वापस किया, जिसके बाद विपक्ष ने शीला दीक्षित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और अब बात एफआईआर तक पहुंच गई है।
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता और आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग की याचिकाओं पर विशेष अदालत ने 31 अगस्त को पुलिस को मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ताओं ने भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत कथित कदाचार, विश्वासभंग धारा 409 आईपीसी और धन के दुरुपयोग के आरोप में दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था।












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