बिहार में रेलवे ट्रैक पर खून, हाथ, पैर और सिर बिखरे

खगड़िया (बिहार)। बिहार में सहरसा-पटना रेल-रूट पर सोमवार सुबह हुए हादसे के बाद दुर्गम इलाके में स्थित रेलवे स्‍टेशन बदलाहाट पर सैंकड़ों लोग रोते-बिलखते इधर-उधर भाग रहे हैं। भीड़ में जितना ज्‍यादा दु:ख है, उससे कहीं ज्‍यादा गुस्‍सा, जो राज्‍यरानी एक्‍सप्रेस पर निकला। उससे भी ज्‍यादा दिल दहला देने वाला मंजर यह है कि रेल पटरी पर खून के साथ-साथ कटे हुए हाथ, पैर, सिर, धड़, आदि कटे हुए बिखरे पड़े हैं।

मौके पर मौजूद राजेंद्र सिन्‍हा से हमने जब फोन पर बात की, तो उस मंजर के बारे में सोच कर रोंगटे खड़े हो गये, जो उन्‍होंने बताया। प्रत्‍यक्षदर्शी राजेंद्र ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर बिखरे पड़े शरीर के अंगों को देख साफ पता चल रहा है कि मरने वालों में महिलाएं और बच्‍चे ज्‍यादा हैं। तमाम शव भगवा रंग के कपड़ों में हैं, इससे यह भी साफ है कि मरने वालों में ज्‍यादातर कावड़िये हैं। राजेंद्र ने फोन पर बताया कि हादसे के बाद लगभग सभी रेल कर्मचारी स्‍टेशन छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। गुस्‍साई भीड़ ने सिर्फ ट्रेन को ही आग नहीं लगायी है, बल्कि स्‍टेशन पर तोड़फोड़ भी की है। दो घंटे बाद तक न तो पुलिस फोर्स पहुंची है और न राहत व बचाव दल।

कम से कम 45 लोगों की मौत

प्रशासन ने अभी तक 15 लोगों के मरने की पुष्टि की है, जबकि मीडिया में 25 लोगों के मरने की खबर है। वहीं प्रत्‍यक्षदर्शी राजेंद्र ने बताया कि स्थिति को देख कर तो यही लग रहा है कि कम से कम 40-45 लोगों की मौत हुई है। 50 से ज्‍यादा घायलों को कंधे पर लाद कर स्‍थानीय अस्‍पताल ले जाया जा रहा है। स्‍थानीय लोग अपने-अपने घरों से खटिया लेकर आये हैं, जिन पर लिटा कर घायलों को अस्‍पताल ले जाने का काम किया जा रहा है।

असल में सावन के महीने के अंतिम सोमवार पर कात्‍यायनी मंदिर में सैंकड़ों श्रद्धालु आये थे, जो सुबह दर्शन करने के बाद लौट रहे थे। यह मंदिर स्‍टेशन के पास है।

एडीजी पटना एसके भारद्वाज ने कहा कि जिस समय लोग एक प्‍लेटफॉर्म से दूसरे प्‍लेटफॉम पर जा रहे थे तभी ट्रेन आ गई। राज्‍य रानी एक्‍सप्रेस का स्‍टेशन पर हॉल्‍ट नहीं था। मधेपुरा से पुल टूटा है, इसलिये फोर्स को पहुंचने में 3 से चार घंटे लग सकते हैं। वहीं राहत कार्य के लिये जो लोग मौके पर पहुंच रहे हैं वे भी 3 किलोमीटर पैदल चलकर जा रहे हैं। इस घटना के बाद ट्रेन को करीब एक हजार लोगों ने घेर रखा है। अतिरिक्‍त पुलिसबल मधेपुरा से भेज दिया गया है।

सहरसा से सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि स्‍टेशन तक पहुंचने के लिये कोई सड़क मार्ग नहीं है, इसलिये मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों का पहुंचना बेहद मुश्किल है। हजारों लोग ट्रेन को घेर कर खड़े हुए हैं। स्थिति नाजुक बनी हुई है।

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