भोपाल के इस विद्यालय की पहचान है गांधी टोपी

शासकीय उत्तर बुनियादी माध्यमिक शाला में पहली से आठवी तक की कक्षाओं की पढ़ाई होती है। विद्यालय का हर छात्र नियमित तौर पर गांधी टोपी लगाकर आता है, क्योंकि टोपी के बगैर वह शाला में प्रवेश ही नहीं कर सकता है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पलता शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि टोपी पहनना यहां की परंपरा बन गई है। नियमित रूप से टोपी लगाने से बच्चों में अनुशासन आता है और वे अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं।
विद्यालय के छात्र दुर्गेश उइके का कहना है कि उन्होंने गांधी को तो नहीं देखा है मगर गांधी टोपी लगाने से उन्हें उनकी याद जरूर आ जाती है। वे चाहते हैं कि उनका आचरण भी गांधी जैसा हो और वे देश के लिए कुछ कर सकें। छात्र रसीद खान कहते हैं कि गांधी टोपी लगाकर उन्हें फक्र महसूस होता है। यह टोपी उन्हें नई उर्जा देती है, वे अपना कोई भी जरुरी काम भूल जाएं मगर विद्यालय आते वक्त टोपी लगाना नहीं भूलते। महात्मा गांधी के आने के बाद से शुरू हुई विद्यार्थियों के गांधी टोपी लगाने की परंपरा आज भी कायम है और उम्मीद करते हैं कि यह आगे भी जारी रहे, ताकि गांधी के अनुयायी होने का दावा करने वाले भी कुछ सीख लें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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