उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से तबाही, 190 की मौत
लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घाघरा, शारदा और सरयू नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है, जिस कारण नदियों ने आस-पास के इलाकों में तबाही मचा दी है। अब तक 190 लोगों की मौत हो चुकी है। गोंडा, बहराइच और सीतापुर के कई गांवों में नदी के पानी से कटान तेज हो गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना का जलस्तर कम होने से लोगों को राहत मिली है। राज्य में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से बहराइच, गोंडा, सीतापुर और बाराबंकी सहित कई जिलों में घाघरा, शारदा और सरयू नदियां उफान पर हैं।
गोंडा के लगभग डेढ़ दर्जन गावों में बाढ़ का खतरा फिर मंडराने लगा है। गोंडा में सरयू नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। घाघरा का जलस्तर हालांकि, खतरे के निशान से लगभग 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। सीतापुर में शारदा और सरयू नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है लेकिन कटान तेजी से हो रही है। यहां रविवार को भी कई गावों में कटान हुआ, जिससे लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। रेउसा क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी अभी भी फैला हुआ है।
पूर्वांचल में वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में गंगा एवं युमना का पानी स्थिर होने से लोगों को राहत मिली है। लोगों के मुताबिक बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन से मुआवजे की भी मांग की गई है। बलिया और गाजीपुर में अब कई गावों से पानी निकलना शुरू हो गया है। इलाहाबाद में गंगा एवं यमुना का पानी अभी भी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। यहां दोनों नदियां एक बार फिर उफान पर हैं। बाढ़ की आशंका के बीच प्रशासन ने आपातकालीन बैठक बुलाकर प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन के मुताबिक पश्चिमी हिस्से के प्रभावित जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है और लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

बांधों से छोड़ा गया पानी बना मुसीबत
कुछ दिन पहले बाढ़ का पानी कम होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन लगातार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने एक बार फिर ग्रामीणों के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। प्रभावित ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बहराइच में घाघरा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान में भी तेजी आयी है। शनिवार को ही जिले के चार गांव बाढ़ के पानी से घिर गए और लगभग 25 बीघा जमीन जलधारा में समाहित हो गयी। प्रशासन की तरफ से पर्याप्त मदद न मिलने से प्रभावित लोगों के सामने रोजी रोटी का भी संकट उत्पन्न हो गया है।

अब तक 190 की मौत
राज्य के बाढ़ राहत कार्यालय के मुताबिक गाजीपुर और लखीमपुर खीरी में एक-एक व्यक्ति की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हो गयी। प्रदेश में बाढ़ और आकाशीय बिजली से अब तक कुल 190 मौतें हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार बुलंदशहर के नरोरा और बलिया में गंगा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है। पूर्वाचल के बाकी जिलों में गंगा और यमुना का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है।

लखनऊ में रुक-रुक कर बारिश
राजधानी लखनऊ और सूबे के अन्य जिलों में सोमवार को सुबह से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। बारिश से राज्य में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण मैदानी इलाकों में भी वायुमंडल में बदलाव देखने को मिला है। वायुमंडल में हवाओं का रुख बदलने से पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश लगाातर जारी है।

हल्के बदाल छाये हुए हैं
बिहार के अधिकांश इलाकों में सोमवार को हल्के बादल छाए हुए हैं। इधर, मौसम विभाग ने राज्य के कुछ क्षेत्रों में भारी जबकि अधिकांश क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। पटना मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार सोमवार को गया का न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि पूर्णिया का 25.8 डिग्री और भागलपुर का 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान गया में छह मिलीमीटर और पूर्णिया में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर जोरदार बारिश होने की संभावना है।

भोपाल में तेज़ बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी कुछ और दिनों तक जारी रहने की संभावना है। राज्य में मौसम सुहावना बना हुआ है। राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, कहीं जोरदार तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी है। यहां अब तक औसत से कहीं ज्यादा बारिश हो चुकी है। नदियों के अलावा बांधों का जलस्तर भी बढ़ गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों व सूर्य के बीच लुकाछिपी का दौर चल रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटों में रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल संभागों के कई हिस्सों में बादल बरस सकते हैं।












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