एमपी में भाजपा की नजर युवा और बुद्धिजीवी तबके पर
भोपाल। मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की नजर युवा तथा बुद्धिजीवी तबके के मतदाताओं पर है। उनको दिमागी तौर पर भाजपा की ओर मोड़ने की कवायद भी तेज हो गई है। भाजपा ने इसके लिए चार तरह की किताबंे तैयार की हैं, ताकि यह वर्ग इनका अध्ययन कर आम मतदाता का मानस भाजपा के पक्ष में बनाने में मददगार बने। राज्य में इस बार युवा मतदाताओं की संख्या पर्याप्त है और वह पढ़ा-लिखा भी है। भाजपा मानती है कि इस वर्ग तक राज्य सरकार की नीतियों को पहुंचाने के साथ वर्तमान केंद्र सरकार व पूर्व की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की तुलना करके अपना पक्ष मजबूत किया जा सकता है।
गांव-चौपाल में चर्चा करने वाले लोगों के जरिए ग्रामीण मतदाताओं का मानस बनाया जा सकता है। इसके लिए सशक्त माध्यम किताबें ही हो सकती है। इसके चलते भाजपा ने चार किताबें छपवाई हैं। पार्टी की ओर से बांटी जा रही इन किताबों में से एक में कांग्रेस के शासन काल में जितने भी आरोप लगे और घोटाले हुए हैं, उनका ब्योरा है। वहीं सुशासन बनाम कुशासन नाम की किताब मंे राजग व संप्रग के शासनकाल की तुलना की है। इसी तरह शिवराज के राजनीतिक जीवन को केंद्रित करते हुए जननायक शिवराज के नाम से एक किताब है। इसके अलावा चुनाव निर्देशिका है।

भाजपा के इस साहित्य के जरिए युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विधानसभा क्षेत्रों में रहकर युवाओं से खुद को जोड़ेंगे और उन तक सरकार की उपलब्धियां और संगठन की नीतियों को पहुंचाएंगे। साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा से जोड़ेंगे और चुनाव के लिए सक्रिय करेंगे। ये किताबें मतदान केंद्र तक पहुंचेंगी।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय मानते हैं कि युवा और पढ़े-लिखे तबके की समाज का मानस बनाने में अहम भूमिका होती है। यह साहित्य जब उन तक पहुंचेगा तो वे अध्ययन करने के साथ ही अन्य लोगों से चर्चा करेंगे, यह स्थिति भाजपा के लिए लाभदायक होगी। बहरहाल इन किताबों का असर कितना और क्या होगा यह कहना जल्दबाजी होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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