सिर कलम कर दो, लेकिन बिना हैदराबाद के तेलंगाना मंजूर नहीं: टीआरएस
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश को तोड़कर अलग तेलंगाना राज्य बनाने की मांग केन्द्र सरकार ने मान ली है, लेकिन अब भी तेलंगाना को लेकर बवाल जारी है। अलग तेलंगाना बनाए जाने से नाराज लोग प्रदर्शन कर हे है तो वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष हैदराबाद को साझा राजधानी बनाने के केन्द्र के फैसले से नाराज है। टीआरएस के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव ने कहा है कि वह किसी भी हालत में हैदराबाद को केंद्र के अधीन नहीं जाने देंगे।
केन्द्र के फैसले की खिलाफ बोलते हुए चंद्रशेखर राव ने कहा कि वो किसी भी हालत में हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश बनने नहीं देंगे। तल्ख टिप्पणी करते हुए राव ने कहा कि 'मेरा सिर काट लिया जाए, तब भी मुझे यह स्वीकार नहीं होगा।' हालांकि राव कहा कि हैदराबाद को दस साल के लिए साझा राजधानी बनाने के लिए हम तैयार हैं, क्योंकि नए राज्य को नई राजधानी बनाने के लिए समय चाहिए, लेकिन एसका साशन केन्द्र के हाथों में देना हमें स्वीकार नहीं है।

अलग तेलंगना बनाए जाने के केन्द्र सरकार के फैसले के बाद टीआरएस प्रमुख ने कहा कि वह दस जिलों वाले तेलंगाना और हैदराबाद राजधानी से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। टीआरएस प्रमुख इस मुद्दे पर किसी भी तरह का कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। चंद्रशेखर राव ने कहा कि तेलंगाना का पहला मुख्यमंत्री दलित ही होगा। खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से अलग करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य का पहला सीएम दलित होगा।
चंद्रशेखर राव ने खुद को सलाहकार समिति के अध्यक्ष के रूप में सेवा देते रहने का वादा करते हुए कहा कि वो सीएम की रेस में नहीं है लेकिन सरकार को सलाह देते रहेंगे। उन्होंने बताया कि तेलंगाना की 3.22 करोड़ आबादी में से 85 फीसदी पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जातियों, जनजातियों व अल्पसंख्यकों की है।












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