संसद का रिपोर्ट कार्ड: एटेंडेंस के मामले में सोनिया-राहुल फेल, बीजेपी पास
नयी दिल्ली। देश की सत्ता की कमान संभालने वाली यूपीए सरकार संसद के प्रति कितनी जिम्मेदार है इसका पता इसी बात से चलता है कि यूपीए की डोर को संभालने वाली कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी सदन की कार्रवाई से अक्सर नदारद रहे है।
यब तो अक्सर ही लोकसभा हंगामे के कारण ठप ही रहती है लेकिन जो बैठकें होती हैं उनमें भी बड़ी हस्तियां गायब रहती हैं। इन बड़ी हस्तियों में राहुल और सोनिया गांधी का नाम भी शामिल हैं। 15वीं लोकसभा की जितनी बैठकें हुई हैं उनमें इन दोनों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम रही है। अगर सोनिया और राहुल की सदन मनें उपस्थिति को देखा जाए तो सदन की प्रति इनकी गंभीरता साफ झलकती है।
पीआरएस द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक 15वीं लोकसबा के दरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की उपस्थित सदन में मात्र 47 फीसदी रही, जबकि उनके इस मामले में उनके बेटे राहुल गांधी उनसे भी दो कदम आगे निकल गए। लोकसभा की कार्रवाई में राहुल की उपस्थिति मजह 43 प्रतिशत रही। वह 314 में से 125 बार ही लोकसभा की बैठकों में गए।
लोकसभा के 545 सदस्यों में से वर्तमान 92 सदस्य लोकसभ सत्र के दौरान 50 प्रतिशत से भी कम उपस्थित रहे हैं। सदन में उपस्थिति के मामले में विपक्ष की स्थिति कांग्रेस से कई बेहतर है। विपक्षी दल भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस से बाजी मार ली है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की कांग्रेस के मुकाबले उपस्थिति थोड़ी बेहतर रही है। लोकसभा सत्र के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की 82 और राजनाथ सिंह की 77 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई है।
बीजेपी के अलावा बाकी के कई दलों की स्थिति कांग्रेस अध्यक्षा से कई गुना बेहतर रही है। इनमें जनता दल यूनाइटेड के शरद यादव की उपस्थिति 83 प्रतिशित, समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह की 86, राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव की 79 और सीपीएम के बासुदेव आचार्य की 90 प्रतिशत उपस्थिति रही है।

सदन में सोनिया-राहुल की उपस्थिति 50 फीसदी से भी कम
संसदीय सत्र के दौरान लोकसभा में उपस्थिति के मामले में सोनिया गांधी और रहाुल गांधी की उपस्थिति 50 फीसदी से भी कम रही है।

लोकसभा के एटेंडेंस में फेल हुई सोनिया
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की लोकसभा में उपस्थिति केवल 47 फीसदी है। ये आंकड़ा बीजेपी के पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से कहीं कम है। सदन में राजनाथ सिंह की उपस्थिति 78 फीसदी है।

क्या सोनिया सदन को गंभीरता से लेती है?
सदन में सोनिया की उपस्थिति सबसे ज्यादा 2009 में बजट सत्र के दौरान दर्ज की गई थी। उस वक्त उनकी उपस्थिति 77 फीसदी थी।

सदन को गंभीरता से नहीं लेते राहुल
कांग्रेस के उपाध्यक्ष और सोनिया गांधी के उत्तराधिकारी राहुल गांदी लोकसभा की कार्रवाई के प्रति गंभीर नहीं है। सदन में उनकी उपस्थिति सोनिया गांधी से भी कम दर्ज है। उनकी उपस्थिति मजह 43 फीसदी ही दर्ज है।

अपनी ही सेना से हारे राहुल
युवाओं की कमान संभाल रहे राहुल गांधी अपनी ही टीम से हार गए। राहुल के मुकाबले कांग्रेस के युवा नेताओं की सदन में उपस्थिति ज्यादा है। मिनाक्षी नटराजन की उपस्थिति 85 फीसदी जबकि मिलिंद देवड़ा की हाजिरी 87 फीसदी है।

सोनिया से जीते राजनाथ
सोनिया-राहुल के मुकाबले सदन में उपस्थिति की जंग भाजपा नेताओं ने जीत ली है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की उपस्थिति 77 फीसदी है, जबकि लाल कृष्ण आडवाणी का रिकॉड भी बेहतरीन है। उनकी उपस्थिति 87 फीसदी दर्ज की गयी है।

सदन में सोनिया-राहुल की उपस्थिति 50 फीसदी से भी कम
सोनिया का संसदीय क्षेत्र रायबरेली यूपी के 10 गरीब जिलों में सामिल है। जिले की अपनी समस्याएं है बावजूद इसके उनका प्रतिनिधि ही सदन से गायब रहे तो क्षेत्र का विकास कैसे संभव है।












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