बिहार के बाद कर्नाटक सरकार ने उठाया कदम, कहा पहले शिक्षक चखें मिड डे मील

सरकार के आदेश के मुताबिक स्कूल के किसी भी दो शिक्षकों को बच्चों के लिए बनाएं गए खाने को पहला चखना होगा तभी उसे बच्चों में परोसना होगा। दरअसल ये आदेश उस वक्त से दिए गे है जब ये कर्नाटक में मिड डे मील योजना चल रही है। लेकिन सायद ही किसी स्कूल में इस नियम का पालन किया जाता है। सरकार के इस सख्त नियम के बाद सरकारी सकूलों को सख्ती के साथ इस नियम का पालन करना होगा। कर्नाटक के प्राइमरी एंड सेकेंडरी एडूकेशन मंत्री के रत्नाकर ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को इस नियम को मानना होगा।
इसके अलावा अगर स्कूल के शिक्षक और रसोइया को मिड डे मील के लिए दी गई किसी साम्रगी के कोई कमी लगती है या उन्हें लगता है कि साम्रगी ठीक नहीं हो तो वो इसकी शिकायत सीधे विभाग से कर सकते है। इसके अलावा कर्नाटक सरकार सरकारी स्कूलों में औचक निरिक्षण के लिए नए नियम बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। ये निरक्षण टीम किसी भी वक्त किसी भी स्कूल में पानी, खाने और अन्य सुविधाओं को लेकर औचक निरिक्षण कर सकती है। गौरतलब है कि बिहार के छपरा में जहरीला मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई है। राज्य में सरकारी योजना के तहत चलाए जा रहे मिड डे मील खाने से बच्चों की हुई मौत से बिहार की नीतीश सरकार को लोगों का आक्रोश और विरोधियों की आलोचना झेलनी पड़ी थी।












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