जुवेनाइल एक्ट में बदलाव नहीं, 18 ही रहेगी नाबालिग की उम्र सीमा: SC

ऐसा इसलिये किया गया था क्योंकि गैंगरेप का एक आरोपी (जिसने गैंगरेप के दौरान सबसे घिनौना काम किया था) नाबालिग है और उसे फांसी देने की मांग की जा रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को दोषी तो करार दिया है मगर सजा पर फैसला अभी बरकरार है। दिल्ली गैंगरेप मामले में पहला फैसला 25 जुलाई को होने वाला है।
उल्लेखनीय है कि इस आरोपी के नाबालिग होने की वजह से ज्यादा से ज्यादा केवल 3 साल की सजा हो सकती है। वहीं जानकारों का कहना है कि जिस समय कोई अपराध करता है, उस वक्त उसकी उम्र और मानसिकता को देखते हुए फैसला किया जाता है। वहीं याचिकाकर्ता आमोद कंठ के मुताबिक भारत में 18 साल से कम के बच्चे अपराध कम करते हैं। लड़कपन में बच्चा कोइ गलत काम करता है तो परिवार उसे बच्चा ही मानता है।












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