बांग्लादेश के रास्ते विदेश भेजी जा रहीं दार्जिलिंग की लड़कियां!
नई दिल्ली। एक गैर सरकारी संगठन मैनकाइंड इन ऐक्शन फॉर रूरल ग्रोथ ने एक बड़ा खुलासा किया है। वो यह कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले से एक साल के भीतर 473 लड़कियां लापता हो गईं। इस एनजीओ का दावा है कि ये लड़कियां मानव तस्करी की शिकार हो रही हैं। सवाल यह उठता है कि कहीं ये लड़कियां बांग्लादेश के रास्ते विदेशों में तो नहीं सप्लाई की जा रही हैं। इसमें कोई शह नहीं कि इनमें से अधिकांश लड़कियों को देह व्यापार में धकेल दिया जाता है।
एनजीओ ने खुलासा किया है कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में मानव तस्करी की घटना में तेजी आई है। एमएआरजी के कोऑर्डिनेटर जॉन क्षेत्री ने कहा, "मानव तस्करी मुख्यत: राजनीतिक अशांति से उपजी बेरोजगारी और जिले की सीमा भूटान, नेपाल और बांग्लादेश से लगी होने के कारण बढ़ रही है। इस जिले से लगभग एक साल के अंदर 473 लड़कियां लापता हुई हैं। संभवत: सामाजिक कलंक के डर से कई परिवारों ने इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई है।"
एमएआरजी, 'सपना' नामक एक वृतचित्र के जरिए मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैला रहा है, जो पिछले साल तस्करों से बचाई गई 14 वर्षीय पीड़िता की जिंदगी पर आधारित है। दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर में फिल्म के विशेष प्रदर्शन के दौरान क्षेत्री ने कहा, "हम इसे पूरे देश में प्रदर्शित करना चाहते हैं ताकि प्रशासन द्वारा कोई उपाय किया जा सके और पीड़ितों के पुर्नवास के लिए मदद उपलब्ध हो। दार्जिलिंग में बचाए गए पीड़ितों के लिए एक भी संरक्षण गृह नहीं है।" एमएआरजी ने 2011-12 के बीच इस संस्था ने 12 किशोरियों सहित 45 लड़कियों को छुड़ाया है।

पश्चिम बंगाल पुलिस मौन
वहीं इस संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस ने अभी तक अधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है, लेकिन हां अगर पुराने मामले उठायें, तो बांग्लादेश सीमा पर पिछले साल कई स्थानों पर बॉर्डर पार करते वक्त लड़कियां बरामद हुईं।

दक्षिण में सप्लाई
इसके अलावा दक्षिण भारत के बेंगलूरु, चेन्नई, हैदराबाद, तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी दार्जिलिंग से भारी संख्या में लोग आकर बस गये हैं, जो यहां सिक्योरिटी गार्ड, होम मेड, आदि का काम करते हैं। ऐसे में देश के कई अन्य शहरों में भी इन बच्चियों को भेजे जाने का खतरा पैदा हो ता है।

हरियाणा लायी जाती हैं लड़कियां
पुलिस रिकॉर्ड को उठायें तो हरियाणा में लड़कियों की संख्या कम होने की वजह से देश के कई अन्य राज्यों से यहां लड़कियां लायी जाती हैं और उन्हें ऐसे लोगों को बेच दिया जाता है, जो बाद में पैसे लेकर उनकी शादी करा देते हैं।

राजस्थान भी शामिल
देश के अन्य राज्यों से लायी जाने वाली लड़कियां राजस्थान में भी बेची जाती हैं। यहां पुलिस से बचने के लिये लड़कियों की नाम की शादी करा दी जाती है और फिर दासी बनाकर घर में रख लेते हैं।

मुंबई सबसे बड़ा हब
देश के अलग-अलग कोने से अगवा की जाने वाली लड़कियों को मुंबई लाना आम बात है। असल में मुंबई देश का सबसे बड़ा सेक्स हब है। यहां 1 लाख से ज्यादा लड़कियां इस कारोबार में फंस चुकी हैं। खास बात यह है कि 50 फीसदी से अधिक वेश्याएं एचआईवी से ग्रसित हैं। देश में देह व्यापार के मामले में कोलकाता दूसरे नंबर पर है।












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