जाकिर की मौत ने दिलाई 'सरबजीत सिंह' की याद

इसके पहले 26 अप्रैल को कोट लखपत जेल में ही सरबजीत सिंह की कुछ साथी कैदियों ने पिटाई कर दी थी। जिसके बाद जिन्ना अस्पताल में ही उसकी मौत हो गयी थी। सरबजीत की मौत के बाद पाक जेलों में बंद भारतीय कैदियों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से आवाज भी उठायी गयी थी लेकिन इस तरह की घटनाएं रूक नहीं रही है। एक अन्य घटनाक्रम में इसी वर्ष 15 जनवरी को चमेल सिंह नाम के कैदी की सुरक्षाकर्मियों द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गयी थी।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाक जेलों में भारतीय कैदी सुरक्षित नहीं है। वहीं इन घटनाओं को पाक सरकार भी गंभीरता से नहीं ले रही है।
जाकिर मुमताज की मौत पर सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा है कि पाक सरकार द्वारा कैदियों की सुरक्षा के प्रबंध न किये जाने से इस प्रकार की घटनाएं हो रही है। जाकिर की मौत की पुष्टि कल रात सात- आठ बजे के बीच की गई थी। इस पर दलबीर का कहना है कि पाक के अधिकारी जानबूझकर कैदियों पर हमले और उनकी मौत की पुष्टि रात को करते हैं, जिससे कि भारतीय अधिकारी अगले दिन ही कोई कदम उठा सकें।












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