खंड-खंड हुआ उत्तराखंड, पहाड़ी सुनामी ने लील 150 जिंदगियां, हजारों लापता
देहरादून। पहाड़ी सुनामी ने पूरे उत्तराखंड को तबाह कर दिया है। पहाड़ पर प्रलय आ गया है। चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। लोग चाहकर भी अपनों को नहीं बचा पा रहे है। 150 से ज्यादा लोग मौत के इस कुंए में समां गए है। जो बच गए वो आंसू बहा रहे है। अपनों को खोने का गम, घर-आशियाने के तबाह होने का गम और आगे की जिंदगी काटने की चिंता उन्हें रोने पर मजबूर कर रही है।
इस प्रलय में ज्यादातकर श्रद्धालुओं को अपने में समा लिया है। देश- विदेश ने देवनगरी आने वाले भक्तों को नहीं पता था कि इसबार भगवान उनकी इस तरह से परीक्षा देने वाले है। लगातार हो रही भारी बारिश, बादलों के फटना और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सेना भी जल्द से जल्द फंसे लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। प्रकृति ने कहर ठाया है तो इंसान उसके सामने कैसे ठिक पाएगा। फिर भी सेना मोर्चे पर डटी हुई है। करीब नौ हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला गया है, लेकिन अब भी करीब 60 हजार लोगों के फंसे होने की आशंका है।
राहत और बचाव के काम के लिए सेना आईटीबीपी बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस टीम की कंपनियां तैनात की गई हैं। संपर्क टूट जाने के कारण सेना अबतक ये आंकलन नहीं कर पाई है कि किस इलाके में कितनी तबाही हुई है और कितने लोग फंसे हुए है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि जानमाल का नुकसान और अधिक हो सकता है। सीएम विजय बहुगुणा ने इसे 'पहाड़ी सुनामी' का नाम दे दिया है। सड़कों के टूट जाने के कारण जवान हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहे है।
सबसे ज्यादा तबाही केदारनाथ, बद्रीनाथ, गौरीकुंड, गोविंदघाट, पंडुकेश्वर, कर्णप्रयाग, और उत्तरकाशी में मची है। केदारनाथ में भगवान शिव के मंदिर को छोड़कर कुछ भी नहीं बचा है। पहाड़ पर आई इस सुनामी की लहरों ने विकराल रुप दिखाया है। कहते है लहरें अगर विकराल हो जाएं, तो बस्तियों से लेकर गांवों तक के निशान नक्शे से गायब हो जाते हैं। जब पहाड़ों से पानी उतर रहा है, तो ऐसी हैरतअंगेज तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिसे देखकर आपकी रुह तक कांप जाती है।
कुदरत ने जो तस्वीर उत्तराखंड में दिखाई है उसकी तबाही कि कुछ झलकियां देखिए।

सैलाब में बही सैकड़ों जिंदगियां, हजारों हैं लापता
पहाड़ पर मची सुनामी ने 150 लोगों की जिंदगियां छीन ली। कई जहार लोग अब भी लापता है। पानी के इस सलैब के सामने जो आया वो बस इसमें सिमटकर रह गया।

ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला पानी में डूबा
पवित्र गंगा भी उफान पर आ गई है। अपने सामने आने वाली हर चीज को अपने में समाने के लिए बेकरार है। गंगा का उफान देखिए कि पानी लक्ष्मण झूला तक पहुंच गया।

शहर के शहर समां गए इस तूफान में
हरिद्वार शहर के अंदर तक पानी भर गया है। रास्ते टूट गए है। लोगों का संपर्क खत्म हो गया है।

ताश की पत्तों की तरह ढ़हती इमारतें
इस आफत के सामने कंक्रीट की बने इमारतें इस तरह जमींदोज हो गई मानों कागज की बनीं हो। रुद्रप्रयाग में बना ये गेस्ट हाउट पानी की धार के साथ बह गया।

सेना ने दिखाई हिम्मत
भारी बारिश के बाद उठी इस तबाही में जो लोग फंस गए उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सेना के 5000 जवान तैनात किए गए है।

सेना ने दिखाई हिम्मत
उत्तराखंड में अपनी जान पर खेल कर लोगों को बचा रही हैं सेना। सड़क मार्ग से संपर्क टूट जाने के बाद सेना के जवान नाव के जरिए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे है।

मौत के मुंह से जिंदा निकलने के बाद की खुशी
उत्तराखंड में मची तबाही के बाद जो लोग बच गए उन के आंखों में खुशी झलक गई। मौत के मुंह से निकलकर अपनों को दुबारा पाने के बाद की खुशी इनके चेहरे पर झलक रही है।

हवाई रास्ते का ही बस सहारा
भारी बारिश और भूस्खलन से रास्ते बह गए। सेना के पास सिर्फ हवाई रास्ता ही बचा है। जवान हैलिकॉप्टर के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई है।

सेना ने दिखाई हिम्मत
भारी बारिश के बाद उठी इस तबाही में जो लोग फंस गए उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सेना के 5000 जवान तैनात किए गए है।












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