आडवाणी को भाजपा हर हाल में मना लेगी: उमा भारती
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे से आहत हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि आडवाणी जैसा मेहनती नेता उन्होंने नहीं देखा।
भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए उमा भारती ने कहा, "मैं आडवाणी के इस्तीफे से आहत हूं और असमंजस में भी हूं। सुषमा स्वराज उन्हें मनाने की कोशिश कर रही हैं, उम्मीद है कि वे मान जाएंगे। इसके लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं।"
उन्होंने आगे कहा, "आडवाणी जैसा मेहनती नेता मैंने नहीं देखा। उन्होंने कई यात्राएं निकालीं और पार्टी के लिए काम किया। उनके इस्तीफे से काफी दुखी भी हूं।"
उमा भारती ने कहा कि वह स्वयं सोमवार को भोपाल से दिल्ली जा रही हैं और मंगलवार को आडवाणी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात करेंगी।तो वहीं राजग के घटक दल, जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, "यह दुखद है.. यह राजग के लिए अच्छा नहीं है।"
गोवा से भाजपा सांसद श्रीपद नाइक ने कहा, "यह वाकई में दुर्भाग्यपूर्ण है।" भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि पार्टी को भरोसा है कि वह आडवाणी को इस्तीफा वापस लेने के लिए कह सकती है।
भाजपा में छिड़े गृहयुद्ध से कांग्रेस खुश नजर आई। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "इस पर भाजपा को सोचना है। संबंधित व्यक्ति को सोचना है। हमने पहले ही कहा था कि इसके (मोदी का उन्नयन) अपने नतीजे होंगे।"
आडवाणी 1947 में आरएसएस से जुड़े और जब 1951 में जनसंघ की स्थापना हुई तो उससे भी जुड़ गए। 1986 में उन्होंने भाजपा के अध्यक्ष पद की कमान तब संभाली थी जब लोकसभा में इसके मात्र दो सांसद थे।
अध्यक्ष बनने के तत्काल बाद आडवाणी राम मंदिर आंदोलन के प्रबल समर्थक बन गए। इसी आंदोलन ने भाजपा को आगे बढ़ने में मदद की और इसके बाद यह एक बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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