स्‍टेच्‍यू ऑफ लिबर्टी से दुगुनी मूर्ति बनायेंगे नरेंद्र मोदी

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये अमेरिका के 25 शहरों में रह रहे भारतीयों को संबोधित करते हुए भारत को नई दिशा दिखाने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि वो अमेरिका के स्‍टेच्‍यू ऑफ लिबर्टी से दुगुनी मूर्ति बनाना चाहते हैं, जो सरदार पटेल को समर्पित होगी और दुनिया को भारत की एकता और अखंडता का संदेश देगी। उन्‍होंने यह बात 53वें गुजरात दिवस समारोह के उपलक्ष्‍य में यह व्‍याख्‍यान में कही। व्‍याख्‍यान के मुख्‍य बिंदु-

- सभी भाई मुझे खड़े होकर सम्‍मानित कर रहे हैं, भाईयों और बहनों ये गौरव ये प्‍यार, नरेंद्र मोदी का नहीं। यह प्‍यार ये सम्‍मान आम जनता की बदौलत है। गुजरात को प्रेम करने वाले लोगों का मैं आभार प्रकट करता हूं।

Modi

- मातृ दिवस पर मैं दुनिया की सभी मांओं को नमन करता हूं। मां की वजह से ही इस दुनिया में परिवारवाद आया। एक परिवार व्‍यवस्‍था हमेशा सफलता पूर्वक आगे बढ़ती है, क्‍योंकि उसके केंद्र बिंदु में मां बैठी होती है। मां का त्‍याग, उनकी तपस्‍या और परिवार के लिये कड़ी मेहनत। हमारी संस्‍कृति ने मां को सर्वोच्‍च माना है।

- हम जिस देश में रहते हैं, वहां मां को सर्वोच्‍च स्‍थान दिया गया है। नदियों से लेकर धरती तक को मां मानते हैं। गंगा मां, गुर्जर मां, भारत मां।

- जब मैं इस व्‍याख्‍यान के लिये आ रहा था, तो पता चला कि गुजरात को प्रेम करने वाले लोगों में सिर्फ गुजराती नहीं, अन्‍य लोग भी आये हैं। मैं आपका ऋणी हूं, क्‍योंकि गुजरात को दुनिया ने आपके माध्‍यम से जाना है।

- इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। कोई कहता है चीन एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है, इस पर भारत क्‍या करेगा। भारत में ब्‍लास्‍ट हो जाता है, एक बच्‍ची से दुष्‍कर्म हो जाता है, सैनिकों के सिर कलम कर दिये जाते हैं, या कुछ भी हो जाता है, तो दुनिया भर के देश उसकी समीक्षा करने लगते हैं। यह जरूरी भी है, इससे पता चलता है कि हमारे देश को लेकर दुनिया कितनी गंभीर है।

- जब किसी देश में त्‍वचा का रंग, पासपोर्ट का रंग, पूछा जाता है, तो बहुत दु:ख होता है।

- गुजरात के विकास की बात करें तो सबसे पहले मैं, हर उस व्‍यक्ति का धन्‍यवाद देना चाहूंगा, जिसने गुजरात के निर्माण में अपना खून-पसीना बहाया। वापी से लेकर मुंबई तक गोल्‍डन कॉरिडोर है। सरकार इस पर गर्व महसूस करती है। अब हमें कच्‍छ, बनसकंठा, राधनपुर और अन्‍य तटीय इलाकों को और विकसित करना है।

- आने वाली सदी में गुजरात एक नये रास्‍ते पर चलने जा रहा है। एक समय था जब तहसीलों में विज्ञान के स्‍कूल तक नहीं हुआ करते थे। आज यहां इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज तक खुल गये हैं। पहले यहां 11 विश्‍वविद्यालय थे, पिछले 10 साल में 44 विश्‍वविद्यालय खुले। बच्‍चों में एक खिलाड़ी के जैसी भावना और जोश भरने के लिये हमने खेल विश्‍वविद्यालय बनाया। आज आदिवासी इलाकों में भी विश्‍वविद्यालय है। गुजरात पहला राज्‍य है, जहां फॉरेंसिक साइंस विश्‍वविद्यालय है। अपराध की सूरत बदल रही है, ऐसे में फॉरेंसिक साइंस का विकसित होना जरूरी है।

- पिछले 10 सालों में गुजरात को जो कुछ भी मिला, उसका श्रेय नरेंद्र मोदी को नहीं जाता, बल्कि 6 करोड़ गुजरातियों को और जो गुजरात से प्रेम करते हैं, उन्‍हें जाता है। क्‍या नरेंद्र मोदी ने पतंग का अविश्‍कार किया, नहीं, मोदी ने सिर्फ उस पतंग को उड़ाकर दुनिया का ध्‍यान गुजरात की ओर आकर्षित किया। पर्यटन एक बहुत बड़ा क्षेत्र है। लोग जगन्‍नाथ जाते थे, सोमनात नहीं। हमने इस क्षेत्र में काम किया और आज हजारों लोग हर रोज सोमनाथ मंदिर आते हैं।

- आज लोग गिर के शेरों की बात करते हैं, तो गुजरात का सीना चौड़ा हो जाता है। एक तरफ पूरे देश में करोड़ों रुपए बाघ को बचाने के लिये खर्च किये जा रहे हैं। एक बार सुप्रीम कोर्ट ने पूछा भी कि पैसा कहां जा रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। हम गिर के शेरों की संख्‍या बढ़ाने की ओर सक्रिय हैं। दुनिया को देखना होगा कि एक परिवार के रूप में हमने शेरों की संख्‍या कैसे बढ़ाई।

- 2001 में गुजरात में कुपोषण एक बड़ी समस्‍या थी। आज तस्‍वीर पूरी तरह बदल चुकी है। 2004 में जिस मिशन पर हमने काम करना शुरू किया, उस पर सीएजी ने भी तारीफ की।

- हमारा देश एक नई समस्‍या की ओर बढ़ रहा है। वो है देश के शासकों का कमजोर होना। हमारे विदेश मंत्री बोलते एक देश में हैं, स्‍पीच पढ़ते दूसरे देश की हैं। हमारे सैनिकों के सिर कलम हो जाते हैं और उधर पीएम के घर पर चिकन बिरयानी बनती है। चीन ने अपनी सेना को पीछे हटा लिया। लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि भारतीय सेना को क्‍यों पीछे हटना पड़ा। हम किसी दूसरे की धरती पर थोड़ी खड़े थे।

- सरकार गुड गवर्नेंस का दावा करती है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है। करप्‍शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यहां तक कोयला तक नहीं छोड़ा। सच पूछिए तो घर को आग घर के चिराग से ही लगी है। आज अगर कुछ जरूरी है, वो है विश्‍वास। केंद्र में सरकार अपना विश्‍वास खो चुकी है।

- हम पूरी दुनिया में सबसे ऊंची मूर्ति बनाना चाहते हैं। मोदी की नहीं, गुजरात की नहीं, बल्कि राष्‍ट्र के लोगों की। स्‍टेच्‍यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची मूर्ति बनाना चाहते हैं, जो सरदार पटेल को समर्पित होगी और एकता का संदेश देगी। इसी संकल्‍प के साथ मैं आप सभी का धन्‍यवाद देता हूं। जय हिन्‍द।

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