अखिलेश की साफ -सुथरी छवि से सपा को करिश्मे की उम्मीद
लखनऊ। अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव में उतरने का ऐलान करने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) अपने युवा नेता की साफ सुथरी छवि और करिश्मे के बल पर विधानसभा चुनाव की तरह ही रिकार्डतोड़ प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। आगामी लोकसभा चुनाव में दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने की चाहत रखने वाली सपा को पता है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कमजोर होने की स्थिति में उसकी तूती तभी बोलेगी जब उसके ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार जीतकर संसद पहुंचेंगे।
सर्वाधिक 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में सपा अधिक से अधिक सीटें जीतना चाहती है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं के सामने पचास सीटों का लक्ष्य भी रख दिया है। समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर हमलोगों को उत्तर प्रदेश में 45 सीटें मिल गई तो हमारी पार्टी न सिर्फ केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकेगी, बल्कि हमारे नेता मुलायम सिंह यादव के प्रधानमंत्री बनने के सपने को भी पंख लगने की संभावना प्रबल हो जाएगी।

आगामी लोकसभा चुनाव में 2012 के विधानसभा जैसा प्रदर्शन दोहराने की मंशा के तहत समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपने युवा चेहरे अखिलेश यादव के नेतृत्व में मिशन 2014 में उतरने का निर्णय लिया है। पार्टी को उम्मीद है कि अखिलेश की बेदाग छवि और मुख्यमंत्री के तौर पर उनके सरल व्यवहार का फायदा लोकसभा चुनाव में भी मिल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक अखिलेश लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की कमान संभालकर हर सीट पर कम से कम एक रैली करेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान वह दूसरे दलों पर हमला करने से ज्यादा ध्यान अपनी सरकार की लैपटॉप वितरण, कन्या विद्या धन, बेरोजगारी भत्ता, किसान की ऋण माफी और मुफ्त सिंचाई जैसी लोकप्रिय योजनाओं की उपलब्धियां गिनाने में देंगे।
अखिलेश की अगुवाई में विधासनभा चुनाव में उतरने वाली सपा ने 224 सीटें जीतकर इतिहास बनाया है। नब्बे के दशक में सपा के गठन के बाद उसे ऐसी जोरदार सफलता कभी नहीं मिली थी। विधानसभा चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथ में लेने वाले अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दो महीने से ज्यादा समय तक करीब पांच हजार किलोमीटर से ज्यादा क्रांति रथ चलाया था।
सपा को मिली इस अप्रत्याशित जीत का श्रेय चुनाव अभियान की अगुवाई वाली करने वाले अखिलेश को दिया गया। सपा के नेताओं के साथ-साथ जानकारों ने भी ये माना कि अखिलेश की साफ सुथरी छवि और नई सोच के कारण सपा को लगभग हर वर्ग का समर्थन मिला। सपा प्रवक्ता एंव कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने आईएएनएस से कहा, हमारे युवा नेता (अखिलेश) की लोकप्रियता केवल युवाओं में नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों में है।
हर कोई उनके सरल व्यवहार का कायल रहता है। विधानसभा चुनाव में यह बात साबित हो गई है। उनमें कुशल नेतृत्व क्षमता के साथ गजब की दूरदर्शिता है। हमें उम्मीद है कि सपा उनके नेतृत्व में आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पचास से ज्यादा सीटें जीतकर रिकार्ड बनाएगी।












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