1984 सिख दंगे पर सुनवाई पूरी, सज्जन कुमार पर फैसला सुरक्षित

मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को की जाएंगी। कड़कड़डूमा कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज जे. आर. आर्यन की अदालत ने अंतिम दलीलों के पूरा होने के बाद स्पष्टीकरण के लिए 16 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। इस दिन सीबीआई या आरोपी अदालत में अपनी तरफ से कोई स्पष्टीकरण दे सकते हैं। जिसमें कोर्ट फैसले के दिन की घोषणा करेंगी।
8 नवंबर 1984 को दिल्ली कैंट इलाके में दंगे के बाद 5 सिखों कर दी गई थी। दंगा पीड़ितों को उम्मीद है कि आरोपियों को सख्त सजा मिलेगी। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने 2010 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार, पूर्व विधायक महेन्द्र यादव और पूर्व काउंसलर बलवान खोखर समेत 5 लोग इस साजिश में शामिल थे। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में इनपर हत्या, दंगा फैलाने और अपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया था।
सीबीआई ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दंगों का मुख्य आरोपी बनाया हैं और उनपर भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया है। लोग जब मदद की गुहार लेकर पुलिस के पास गए तो पुलिस ने उन्हें भाग दिया था। अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे। गौरतलब है कि सिख दंगों की जांच के लिए बनाए गए नानावटी कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की थी। नानावटी कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद ये सिख दंगों के मामले का पहला फैसला होगा।












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