अखिलेश यादव किसानों को देंगे साइकिल, प्रेशर कुकर

यह सौगात मण्डी आवक किसान उपहार योजना के तहत दी जाएगी। इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे किसानों का रूझान मण्डियों की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कृषकों को कृषि एवं विपणन संबंधी जानकारी के साथ-साथ कृषि निवेशों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए 18 नये किसान सेवा केन्द्र स्थापित किए जाने का भी ऐलान किया।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री शास्त्री भवन में मण्डी परिषद के 145वीं संचालक मण्डल के बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मण्डी परिषद द्वारा संचालित जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के अन्तर्गत चयनित प्रत्येक ग्रामों के विकास पर 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत चयनित गांव मंे सौर ऊर्जा की व्यवस्था की जाएगी।
स्व जनेश्वर मिश्र की जन्मस्थली शुभनथही को पूरी तरह से विकसित करने की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि इस गांव में सी0सी0 रोड, नाली निर्माण, पानी की टंकी, विद्यालय के साथ-साथ अन्य विकास कार्य भी कराए जाएंगे। इसके अलावा इस गांव को सौर ऊर्जा से प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। श्री यादव ने बताया कि भूमण्डलीकरण और विश्व व्यापार के उदारीकरण के सम्बन्ध में वृहद दृष्टिकोण विकसित करने तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वर्ल्ड यूनियन ऑफ होल सेल मार्केट की सदस्यता प्राप्त करने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद को निर्देशित किया गया है।
इससे विश्व स्तरीय सूचनाओं के आदान-
प्रदान की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने बताया कि भण्डारण की कमी को दूर करने के लिए मण्डी स्थलों के पास रिक्त भूमि पर आवश्यकतानुसार भण्डार गृहों का निर्माण कराया जाएगा। कृषि विपणन के क्षेत्र में व्यापक निजी निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन पद्धति पर सार्वजनिक-निजी-सहभागिता (पी.पी.पी.) को मण्डी परिषद में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मण्डी परिषद द्वारा एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब के अंतर्गत निर्मित दुकानों के आवंटन एवं प्रीमियम की धनराशि का 25 प्रतिशत हिस्सा उन सभी विभागों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिनकी भूमि पर दुकानें निर्मित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मण्डियों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष पहल करने के निर्देश मण्डी परिषद को दिए गए हैं। इसके तहत पैकेजिंग व्यवस्था में सुधार के लिए मण्डी क्रेट्स अनुदान योजना संचालित की जाएगी, जिसके तहत 10 एवं 20 किलोग्राम धारिता वाले प्लास्टिक क्रेट्स किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों से मण्डी समितियों तक आने के लिए निःशुल्क फल-सब्जी परिवहन योजना लागू की जाएगी।
पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में जनपद कन्नौज, बहराइच तथा कानपुर में मण्डी परिषद द्वारा किसानों के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा मण्डियों में गंदगी दूर करने के लिए मण्डी जैव अपशिष्ट निस्तारण योजना संचालित करने के लिए कहा गया है। श्री यादव ने बताया कि मण्डी परिषद को नवीन मण्डी स्थलों के साथ-साथ जनेश्वर मिश्र ग्रामों को भी सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सोलर स्ट्रीट लाइट, होम लाइट, लालटेन, पम्प आदि की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि मण्डी परिषद को 500 की जनसंख्या वाले उन बसावटों को सड़क से जोड़ने के लिए कहा गया है जो अभी तक किसी योजना के तहत सड़कों से जुड़ नहीं पाए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मण्डी परिषद एवं मण्डी समितियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार तथा विभाग को तकनीकी दृष्टिकोण से सक्षम बनाने के लिए विभाग में कर्मचारी कल्याण निधि स्थापित करने की अनुमति दे दी गई है, जिसके तहत सेवाकाल में किसी कर्मी की मृत्यु पर 50 हजार रुपए की धनराशि इस निधि से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही मण्डी परिषद/मण्डी समितियों के कर्मियों के चिकित्सा भत्ता में भी बढ़ोत्तरी की गई है। अब इन्हें प्रतिमाह 100 रुपए के स्थान पर 300 रुपए दिया जाएगा। कर्मियों की नई सेवा नियमावली को अनुमोदित करने के अलावा इनके हित में और भी कई निर्णय लिए गए हैं।












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