मुलायम ने खुद को पीएम कैंडिडेट प्रोजेक्ट किया तो?
लखनऊ (नवीन निगम)। यूपीए सरकार के प्रति मुलायम सिंह यादव के तेवर गर्म होते दिखाई दे रहे हैं। भले ही वो अपना बाहर से समर्थन जारी रखे हुए हैं, लेकिन फिर भी रह-रह कर यूपीए को कोसते वक्त अपनी कमान से तीखे शब्दों भरे तीर निकालने में जरा भी कंजूसी नहीं करते। ऐसे में एक सवाल उठने लगा है, वो यह कि अगर मुलायम ने खुद को बतौर पीएम प्रोजेक्ट कर दिया, तो क्या होगा?
खैर आगे चर्चा करने से पहले हम आपको बता दें कि ऐसा तभी संभाव होगा जब तीसरे मोर्चे की सरकार बनने की नौबत आयेगी। उस दशा में सबसे पहले यदि कोई नाम आगे आएगा तो वह है मुलायम सिंह यादव। लोकसभा सीटों के हिसाब से सबसे बड़े प्रदेश की सत्ता पर काबिज सपा के सुप्रीमो को भी यह कुर्सी अपने बहुत नजदीक दिखाई पड़ रही हैं लेकिन उप्र में सपा की सरकार जिन मुश्किलों में घिरती जा रही है उसे देखकर अब मुलायम सिंह की पार्टी के लोकसभा में ज्यादा सीटों के जीत पाने की संभावना कम ही दिखाई पड़ रही हैं।

फिर भी मान लेते है कि तीसरे मोर्चा सरकार बनाता है तो उसके कौन-कौन घटक होगे और क्या वो मुलायम को अपना नेता मानने के लिए तैयार होंगे। तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी तो उसमें मायावती भी शामिल होगी क्योंकि खराब से खराब हालत में बसपा भी उप्र में 15 से 20 सीटें तो लाएंगी और तीसरे मोर्चे की सरकार में मुलायम प्रधानमंत्री हो यह मायावती को कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
लेफ्ट और तीसरे मोर्चे के अन्य घटक मुलायम को प्रधानमंत्री बनाने को लेकर इतना आगे नहीं जाएंगे कि मायावती तीसरे मोर्चे से बाहर हो जाएं। इसके अलावा तीसरा मोर्चा सरकार तभी बना पाएगा जब बिहार में लालू प्रसाद यादव को भारी जीत हासिल हो। यह किसी से छुपा नहीं है कि पिछली बार मुलायम तीसरे मोर्चे की सरकार में प्रधानमंत्री पद के बिलकुल करीब पहुंच गए थे लेकिन लालू उन्हें न बनाने की बात अड़ गए थे और अचानक देवगौड़ा प्रधानमंत्री के रूप में आगे आ गए।
ममता भी वह क्षण भूली नहीं होगी जब मुलायम राष्ट्रपति चुनाव में ऐन मौके पर उनका साथ छोड़कर कांग्रेस से मिल गए थे। इस तरह मायावती और लालू के बाद ममता का समीकरण भी मुलायम को प्रधानमंत्री के पद से अलग करता है और यह तीनों व्यक्ति ऐसे है जो खुद प्रधानमंत्री बनने के लिए आगे आएगे। इसलिए जब यह मुलायम के अलावा किसी और को चुनने के लिए कहेंगे तो इनकी बात को तीसरे मोर्चे के अन्य नेता खासतौर पर लेफ्ट नकार नहीं पाएगा।












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