यूपीए की सरकार गिराकर मुलायम को मिलेंगे ये 5 फायदे
[नवीन निगम] डीएमके के समर्थन वापसी के बाद मुलायम सिंह यादव को कमीशनखोर कहने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की ऐंठ सत्तारूढ़ यूपीए के लिये खतरे की घंटी बजा रही है। अगर बेनी बाबू ने माफी नहीं मांगी, तो मुलायम कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि मुलायम इस समय यूपीए को बंधक बना चुके हैं।
खास बात यह है कि अगर कांग्रेस को यह लग रहा हो कि बसपा और सपा एक सच्चे हमसफर की तरह उनकी सरकार चलाते रहेंगे, तो यह कांग्रेस की भारी भूल है। फिलहाल मायावती भले ही समर्थन जारी रखें, लेकिन मुलायम कभी भी तख्ता खींच सकते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि अगर मुलायम ने तख्ता खींचा तो यूपीए की सरकार फंदे में झूलती नजर आयेगी। उस समय उसके पास बहुमत सिद्ध करने के लिये विश्वास प्रस्ताव लाने तक की जगह नहीं बचेगी।
बेनी बाबू से जब मीडिया ने पूछा कि उन्होंने यह बयान क्यों दिया, तो बोले, "मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।" मजेदार बात यह है कि देश के सभी खबरिया चैनलों पर उनका बयान सुबह से दौड़ रहा है। लिहाजा बेनी बाबू के तेवर यही दर्शा रहे हैं कि रस्सी जल जाये पर बल नहीं जाये। खैर रस्सी अभी जली नहीं है, हां कुछ ही क्षण में जल जरूर सकती है, क्योंकि मुलायम के हाथों में जलती हुई माचिस की तीली है।
आप सोच रहे होंगे कि यूपीए सरकार को गिराने से आखिर मुलायम को क्या फायदे हो सकते हैं। तो आपके इस सवाल के पांच जवाब हम इस स्लाइडर में तस्वीरों के सामने दर्शा रहे हैं।

कांग्रेस को नीचा दिखाना
कांग्रेस को फिलहाल समर्थन देने के बदले नीचा दिखाना, जिसकी शुरुआत वो बेनी प्रसाद वर्मा का इसीफा मांगकर कर चुकी है, कांग्रेस को अपनी हर जिद पर झुकवाना और कांग्रेस के अडऩे पर सरकार गिराने की धमकी देना, धमकी के बाद फायदा न मिलने पर सरकार गिराकर सरकार की नाकामियों से अपना दामन बचाना।

कहीं पुरानी न हो जाये यूपी सरकार
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार जितनी पुरानी होती जाएंगी, उतना ही उसे नुकसान होता जाएगा क्योंकि सरकार के खिलाफ नकारात्मक वोट बढ़ता जाएगा।

यूपी में कांग्रेस की नीव पर प्रहार
उत्तर प्रदेश में पिछले लोकसभा चुनाव में क्रांग्रेस ने सपा को उसके ही कई गढ़ों में मात दी थी, वर्तमान समय में कांग्रेस की स्थिति नाजुक होने का फायदा सपा को उन सीटों पर मिल सकता है जहां क्रांगेस ने उसे पराजित किया था।

इसी साल चुनाव
सपा लोकसभा चुनाव इसी साल होने की बात कई बार कर चुकी हैं, सरकार को झटका देकर वो कह सकती है कि सरकार इसीलिए गिराई क्योंकि अब नेताजी को प्रधानमंत्री बनाना हैं। जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह जाग जाएगा।

अखिलेश की कमियों को छिपाना
सपा सरकार की नाकामियों से लोगों का ध्यान हटाना। क्योंकि बेटे की सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मुलायम कभी नहीं चाहेंगे कि उनके बेटे के करियर को कोई आंच आये।












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