बालू माफियाओं का खेल ले जायेगा राजा भैया को जेल
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में डीएसपी की हत्या का केस अब सीबीआई के हाथ में है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार की छवि बचाने के लिये साफ कह दिया है कि राजा भैया को सीबीआई गिरफ्तार करे या नहीं, यह उसके हाथ में है और यूपी पुलिस को देखिये, केस दर्ज होने के बाद भी विधायक रघुराज प्रताप सिंह को छू तक नहीं सकी है।
इस पूरे प्रकरण में एक नये खेल का खुलासा जल्द होने वाला है। यूपी पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक राजा भैया की गिरफ्तारी सुनियोजित ढंग से होगी, क्योंकि मकसद राजा भैया को जेल में डालना नहीं है, मकसद है डीएसपी के कातिलों को पकड़ना। डीएसपी की हत्या भले ही भीड़ ने की, लेकिन इस साजिश के पीछे किसका हाथ हो सकता है, इस बात की छानबीन पुलिस कर रही है। इस खेल में नये तार जुड़ते दिखाई दे रहे हैं, वो हैं बालू माफियाओं के। जी हां अगर राजा भैया जेल गये, तो बालू माफियाओं का खेल भी खत्म हो जायेगा।

पुलिस को शक है कि डीएसपी की हत्या के पीछे बालू माफियाओं का हाथ हो सकता है। इसमें ये वो माफिया हैं, जिनका सिक्का इलाहाबाद में चलता है। इलाहाबाद में संगम पर गंगा नदी के किनारे इकठ्ठा होने वाली बालू का ठेका करोड़ों रुपए में उठता है। यहां बालू के लिये जान लेना कोई बड़ी बात नहीं। बताया जा रहा है कि दिवंगत डीएसपी जिया उल हक पिछले कई महीनों पर बालू माफियाओं के खिलाफ नकेल कस रहे थे। लिहाजा शक की सुई बालू माफियाओं की तरफ भी जाती है।
पुलिस ने फिलहाल एक भी माफिया इसलिये नहीं हिरासत में लिया है, क्योंकि यूपी पुलिस का एक मकसद यह भी है कि राजा भैया पाक-साफ इस केस से बाहर निकल आयें। लेकिन सीबीआई किसी को बक्शने वाली नहीं है। सीबीआई के सामने न तो अखिलेश की चलेगी और न मुलायम की। लिहाजा देखने वाली बात यह होगी कि सीबीआई अपना पहला ऐक्शन क्या लेती है।












Click it and Unblock the Notifications