पीएम पद और शादी दोनों नहीं चाहता: राहुल गांधी
नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव में अपने युवराज राहुल गांधी के सहारे सत्ता जीतने का ख्वाब देखने वाली कांग्रेस उस समय हैरान रह गयी जिस समय राहुल ने कहा कि वो पीएम पद की उम्मीदवारी में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं। वो राजनीति की लंबी पारी खेलने में यकीन रखते हैं। उनका मकसद केवल संगठन को मजबूत करना है।
इसलिए मैं शादी भी नहीं करना चाहता हूं क्योंकि शादी के बाद मेरे बच्चे होंगे, मैं उनकी परवरिश में लग जाऊंगा, मैं सोचूंगा कि मैं उन्हें बेहतर भविष्य दूं और सोचूंगा कि वो मेरी जगह लें, ऐसे में मैं ना तो देश और ना ही अपनी पार्टी के बारे में सोच पाऊंगा इसलिए मैं शादी करके विवाह बंधन में नहीं बंधना चाहता हूं।
मालूम हो कि राहुल गांधी ने यह जवाब उन दो सांसदों के उस सवाल पर दिया था जिन्होंने उनसे पूछा था कि आपकी तो अब उम्र हो गयी है तो फिर आप शादी क्यों नहीं कर रहे हैं?
राहुल गांधी के इस बयान को जहां कांग्रेसी देश और पार्टी के प्रति उनका समर्पण और त्याग बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा में राहुल के इस बयान में खलबली मच गयी है हालांकि भाजपा राहुल के इस बयान के बचकाना कह रही है।राहुल ने कहा कि वो चाहते हैं कि उनक दल एक मजबूत संगठन बनें। आज सारी पार्टियां हाईकमान संस्कृति से ग्रस्त है जो कि संगठन की कमजोरी का एक बड़ा कारण है। मैं राजनीति में क्षणिक नहीं लंबी पारी खेलने की इच्छा रखता हूं इसलिए इस समय मेरी पूरी नजर संगठन की मजबूती पर है।
राहुल अपने संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव चाहते हैं, महात्मा गांधी को अपना गुरु करार देते हुए उन्होंने कहा कि गांधीजी ने हर वर्ग के लोगों को प्रेरित किया, मैं भी वही करना चाहता हूं।













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