राजनीतिक जंग में राहुल गांधी Vs राजनाथ सिंह

नई दिल्‍ली (वनइंडिया ब्‍यूरो)। देश की सत्‍ताधारी पार्टी कांग्रेस को राहुल गांधी और सबसे बड़े विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को राजनाथ सिंह के रूप में नये नेतृत्‍व मिले हैं। सभी को मालूम है कि उपाध्‍यक्ष बनने के बाद सोनिया गांधी का सारा काम राहुल गांधी संभाल रहे हैं। पार्टी राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों पर चल रही है। वहीं भाजपा में नरेंद्र मोदी को चुनावी कमान संभालने की बात भले ही चल रही हो, लेकिन मुख्‍य रूप से पार्टी की बागडोर राजनाथ सिंह के हाथ में है।

खास बात यह है कि दोनों ही दिग्‍गज नेताओं के सामने लोकसभा चुनाव 2014 सबसे बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं। दोनों ही पार्टियां अपने-अपने स्‍तर पर विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। कांग्रेस के लिये चरमराती अर्थव्‍यवस्‍था, महंगाई और घोटाले बड़ी चुनौतियां हैं, तो भाजपा के लिये अंतरकलह और हिन्‍दूवादी छाप से ऊपर उठकर विकास की राजनीति के मुद्दे को ऊपर लाना बड़ी चुनौती है। इस चुनावी मैदान में राजनाथ बनाम राहुल की जंग देख देखने वाली होगी।

Rahul Gandhi Vs Rajnath Singh in political war

यहां हम आपको बतायेंगे कि यह जंग कैसी होगी-

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी भाजपा अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह
पद संभालते ही क्‍या कहा- सभी कार्यकर्ता कम से कम10 दिन के लिये पार्टी कार्यालयों से बाहर निकलें और जिलों, ब्‍लॉक और गांवों में जायें वहां पर काम कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं की व्‍यथा को सुनें और संगठन को मजबूत करें। मेरी पहली प्राथमिकता है पार्टी के अंदर समन्‍वय की भावना को बढ़ाने की, ताकि नेता एक दूसरे से ज्‍यादा से ज्‍यादा बात करें।
विज़न युवा शक्ति को आगे लाना है। लोकसभा चुनावों में ज्‍यादा से ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण कार्यों में युवा नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसीलिये मीनाक्षी नटराजन, अशोक तनवर, हर्ष चौधरी, दीपेंद्र हुड्डा और जीतेंद्र सिंह जैसे नेताओं को अपने साथ जोड़ने की तैयारी में हैं। पार्टी के अंदरूनी और बाहरी चीजों में समन्‍वय स्‍थापित करते हुए आगे बढ़ना। नई टीम के साथ देश के लोगों से मजबूत बंधन बनाना।
राज्‍यों के चुनाव जिन राज्‍यों में लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव होने हैं, वहां के पार्टी कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी ने सर्कुलर जारी कर दिया है कि वे दी गई जिम्‍मेदारी को ठीक ढंग से निभायें। सभी राज्‍य इकाईयों को टारगेट दिये गये हैं और सख्‍त हिदायत दी गई है कि महीने के दस दिन सभी नेता जनता के बीच समय बितायें। सभी राज्‍यों के विधानसभा चुनावों को भाजपा गंभीरता से ले रही है, क्‍योंकि राज्‍यों के चुनावों में जीत की लहर ही लोकसभा तक पहुंचायेगी। लिहाजा राजनाथ ने दिल्‍ली के लिये विजय गोयल, मध्‍य प्रदेश के लिये नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्‍थान के लिये वसुंधरा राजे और कर्नाटक में जगदीश शेट्टार को चुनावी बागडोर सौंप दी है।
प्राथमिकताएं उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की हार को पीछे छोड़ आगे बढ़ चुके राहुल गांधी की सिर्फ एक प्राथमिकता है लोकसभा चुनाव 2014। इसके लिये उनके साथ दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश, वीरप्‍पा मोइली, मधुसुधन मिस्‍त्री कोर कमेटी में जुड़ चुके हैं। मुकुल वासनिक, सुरेश पचौरी और सलमान खुर्शीद भी जल्‍द अंदर होंगे। नरेंद्र मोदी का ग्‍लैमर इस समय देश पर छाया हुआ है। सभी उन्‍हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देख रहे हैं, लेकिन भाजपा ने मोदी के रोल को अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं किया है। राज्‍य की प्राथमिकता दिल्‍ली, मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, कर्नाटक के चुनाव हैं और उसी के बाद पीएम कैंडिडेट की घोषणा की जायेगी।
टीम राहुल गांधी ने साफ कह दिया है कि चुनाव के लिये बनाई गई टीम में युवा नेताओं को आगे रखा जायेगा। वृद्ध नेता उनकी मां सोनिया गांधी के साथ काम करेंगे। राजनाथ सिंह की टीम की बात करें तो नरेंद्र मोदी, उमा भारती, मुरलीधर राव, गुजरात के अमित शाह, एमपी के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और आडवाणी के खास अनंत कुमार उनकी टीम में आ चुके हैं।
सबसे बड़ी कमी राहुल गांधी की सबसे बड़ी कमी यह है कि वो जब किसी मुद्दे को उठाते हैं, तो उसे अंत तक नहीं पहुंचाते। उनके भाषणों में निगेटिव कैम्‍पेन ज्‍यादा होता है। राजनाथ सिंह की सबसे बड़ी कमी यह है कि दुनिया के सामने वो भाजपा को धर्मनिर्पेक्ष पार्टी होने का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन भगवा वस्‍त्र वालों के बीच बैठते ही राम मंदिर का मुद्दा ऊपर ले आते हैं।
बड़ा काम जो अभी करें कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी बिखर रही है। ऐसे में कांग्रेस के जीतने की प्रबल संभावना है। लिहाजा राहुल गांधी को जल्‍द से जल्‍द पीसीसी चीफ नियुक्‍त कर कुछ ठोस निर्णय लेने होंगे, क्‍योंकि यहां मई-जून में चुनाव होने हैं। ज्‍यादा समय नहीं रह गया है। अगर राजनाथ सिंह को अपने सभी लक्ष्‍यों को हासिल करना है तो हिन्‍दुत्‍व का डंका पीटना आज और अभी बंद करना होगा। माना कि हिन्‍दुत्‍व पार्टी की विचारधारा में है, लेकिन बार-बार मंच पर चिल्‍ला-चिल्‍ला कर हिन्‍दुत्‍व की मुहर लगाना तो जरूरी नहीं।
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+