कांग्रेस के पहले बजट में सुविधाओं पर रहेगी नजर
बैंगलोर। वैसे तो यूपीए 2004 से ही सत्ता में है लेकिन यह पहला मौका होगा जब रेल बजट कोई कांग्रेसी मंत्री पेश करेगा। इसके पहले रेल मंत्रालय कांग्रेस की सहयोगी पाटियों के पास रहा है। ऐसे में पूरी संभावना है कि लोकसभा चुनाव 2014 के मद्देनजर बजट लोकलुभावन होगा। जनता सरकार की तरफ सुरक्षा और सुविधा के लिए देख रही है।
पिछले रेल बजट में तृणमूल कांग्रेस के मंत्री ने रेल बजट पेश किया था। जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी की थी लेकिन यह बजट राजनीति की भेंट चढ़ गया। जनता की मांग रही है कि भले ही किराया बढाया जाय लेकिन सुरक्षा और सुविधा का विशेष ख्याल रखा जाय। जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में रेल दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है उससे तो कभी सबसे सुरक्षित माना जाने वाला रेल सफर भी असुरक्षित कहा जाने लगा है।
इसके अलावा रेल शौचालयों में साफ सफाई और रेलवे में मिलने वाले भोजन को लेकर भी शिकायतें हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बार के बजट में इन सारी चीजों पर ध्यान देगी। बजट विशेषज्ञों का कहना है कि हो सकता है कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार किराया न बढ़ाये लेकिन यह एक जरूरत है और रेलवे के राजस्व संकट को देखते हुए भी यह आवश्यक है।
हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्तमंत्री पी चिदंबरम और योजना आयोग के साथ हुई बातचीत में किराये बढ़ाये जाने पर भी चर्चा की गई है।













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