आपस में लड़ रहे हैं अखिलेश के मंत्री और जनता बेहाल: भाजपा

इस लाचारी की आखिरकार कोई वजह तो होगी। मुख्यमंत्री को इसकी वजह बतानी चाहिए। श्री दीक्षित ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में अनेक सरकारी विभागों के समन्वय की जरूरत थी। मंत्रियों में परस्पर तालमेल न होने के कारण ही तमाम अव्यवस्थाएं हुई और भारी हादसा हुआ। मेले के इंचार्ज आजम खां से भी बाकी मंत्रियों और विभागों का समन्वय नही था। सरकार ने कुम्भ हादसे की जांच अध्यक्ष राजस्व परिषद से कराने की घोषणा की। भाजपा ने हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश से जांच की मांग की। सरकार ने निर्णय पलटा, अब सेवानिवृत्त जज से जांच की घोषणा हुई है।
सरकार में मतैक्य नही है। निर्णय जल्दबाजी मे लिए जाते है और जल्दबाजी में ही पलट दिए जाते है। मंत्रिपरिषद मे एकता का अभाव साफ दिखाई पड़ रहा है। श्री दीक्षित ने कहा कि सपा सरकार तमाम अन्तर्विरोधों से गुजर रही है। सपा के नेता सरकार को चुनावी मशीन बना चुके है। सरकार ने एक साल के भीतर ही दो बार "स्थानांतरण महापर्व "मनाया है। सरकार और नौकरशाही का द्वन्द्व और तनाव सार्वजनिक हो चुका है। सपा प्रमुख, मुख्यमंत्री और कई मंत्री अधिकारियों को सार्वजनिक चेतावनी दे चुके है। सरकार एक साल के भीतर ही सभी मोर्चो पर असफ हो गयी है। जो सरकार अपने मंत्रियों में भी समन्वय नही बना सकती। उसे सत्ता चलाने का कोई अधिकार नही है।












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