अखिलेश से नहीं होगा, हाईकोर्ट करे कुंभ हादसे की जांच: भाजपा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कुंभ में हादसे की जांच हाईकोर्ट से कराने की मांग की है। घटना के फौरन बाद इलाहाबाद कुंभ पहुंचे बाजपेयी ने अस्पतालों में भर्ती घायलों से भेंट की, घटना स्थल का जायजा लिया और घटना के बारे में पीडि़तों व पार्टी कार्यकर्ताओं से जानकारी लेने के बाद आज यहां राजधानी लखनऊ में कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार इस हादसे पर घटिया राजनीति कर रहे है। अपनी जिम्मेदारी न केन्द्र सरकार स्वीकार कर रहा है और न ही राज्य सरकार।
बाजपेयी ने कहा कि सरकार ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष को हादसे की जांच सौपी है। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी अधिकारियों की प्रशंसा की है और क्लीन चिट भी दे दी है इसलिए इस जांच का कोई मतलब नही रह गया है। अब सपा सरकार के अधिकारी निष्पक्ष जांच नही कर सकते। हादसा बड़ा है। मंत्री आजम खां भी जिम्मेदारी निर्वहन न कर पाने के दोषी है। इसलिए जरूरी है कि हादसे की जांच हाईकोर्ट के पीठासीन माननीय न्यायाधीश से कराई जाये। जांच के बिन्दुओं में घटना के मुख्य कारणों की खोज, घटना के दोषी लोगों की पहचान, उनके विरूद्ध दंड का प्रस्ताव व भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुर्नवृत्ति रोकने की कार्ययोजना भी होनी चाहिए।

बाजपेयी ने केन्द्रीय रेल प्रशासन को दोषी ठहराया और कहा कि रेल प्रशासन और राज्य सरकार तीन करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान कर रहे थे। आगमन में तीन दिन का समय लगा होगा लेकिन सारी भीड़ एक या डेढ़ दिन में ही वापस होनी थी। मेंले में घोषणाएं की जा रही थी कि ट्रेने उपलब्ध है लेकिन वहां ट्रेने नही थी। 155 रेलों की जरूरत थी लेकिन 79 का ही प्रबंध था। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रेलवे को स्टेशन पर अस्थायी पैदल मार्ग पुल के निर्माण सेना की तर्ज पर किया जाना आवश्यक था। इसलिए भीड़ बढ़ने के कारण अनेक जगहों पर तमाम घटनाएं हुई।
बाजपेयी ने कहा हादसे के फौरन बाद भाजपा ने इस पर राजनीति न करने की मांग की थी और मांग की थी कि सारा ध्यान घायलों की तात्कालिक चिकित्सा पर लगाना चाहिए। शवों को उनके घर तक पहुचाने की व्यवस्था की जानी थी। भीड़ में फंसे श्रद्धालुओं के भोजन की भी मांग की गयी थी। लेकिन दोनों सरकारोंने राजनीति ही की। बाजपेयी ने दोनों सरकारों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और मांग की कि पहचान में न आने वाले शवों के चित्र राष्ट्रीय चैनलों पर प्रचारित-प्रसारित किए जाने चाहिए।
बाजपेयी ने राज्य सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया और कहा कि विधान मंडल के बीते सत्र में भाजपा विधायकों ने कुंभ तैयारियों को लेकर सरकार पर ढिलाई के आरोप लगाए थे। सरकार नहीं चेती। मेला सरकारी कुप्रबंधन का शिकार रहा। मुझे इलाहाबाद कुंभ मेले में जाकर तमाम अव्यवस्थाओं की जानकारी मिली। पुलिस व्यवस्था दुरूस्त नहीं थी। बाजपेयी ने केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारों को हादसे के लिए दोषी ठहराया है।












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