मौत के डर से रात भर सो नहीं पाया अफजल
बैंगलोर। भारत के लोकतंत्र के प्रतीक संसद भवन पर 13 दिसम्बर 2001 को हमला करने वाले कुख्यात आतंकी अफजल गुरू को आज सुबह आठ बजे फांसी दे दी गयी। इस आपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया। जेल से जुड़े सू्त्रों के अनुसार अफजल को कल रात ही बता दिया गया था कि उसे सुबह फांसी दे दी जाएगी। जिसके कारण मौत के डर से वह रात भर सो नहीं सका था। सुबह 6 बजे जब जेल के अधिकारी और डॉक्टर उसके पास पहुंचे तो वह जग रहा था। उसने रात में कई बार पानी पिया था।
गौरतलब है कि पिछली 3 फरवरी को भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद आज 9 फरवरी को उसे फांसी दे दी गयी। अफजल की फांसी को भी कसाब की फांसी की तरह गोपनीय रखा गया था। जेल अधिकारियों का यह भी कहना है कि जब कसाब को फांसी दी गयी थी तभी अफजल को उसकी मौत की भनक लग गयी थी। उसे अहसास हो गया था कि जल्द ही उसे भी फांसी दे दी जाएगी।

अफजल को फांसी देने की प्रक्रिया को जेल के तीन अधिकारियों की देखरेख में पूरा किया गया। कसाब को फांसी दिए जाने के बाद इस बात की मांग की जा रही थी कि अफजल को अभी तक क्यों जिंदा रखा गया है उसे भी फांसी दी जाय। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। अफजल को फांसी देने के फैसले में एक लंबा वक्त लगा। इसके अलावा कश्मीर से अभी तक किसी विरोध की खबर नहीं आई है।
हालांकि अफजल के परिवार वालों ने फांसी पर आपत्ति जताई है और उनका कहना है कि उन्हें कम से कम आखिरी बार उससे मिलने दिया जाता। अफजल के परिवार ने काफी कोशिश की थी कि उसकी फांसी को उम्रकैद में बदला जा सके, लेकिन ऐसा न हो सका। वहीं दया याचिका को खारिज कर राष्ट्रपति ने भी फांसी पर मोहर लगा दी थी।












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