बिहार में हड़ताल पर गये इंजीनियर, विकास कार्य ठप
पटना। बिहार अभियंत्रण सेवा संघ के आह्वान पर मंगलवार रात 12 बजे से राज्य के 5,000 से अधिक अभियंता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इसमें सहायक अभियंता से लेकर प्रमुख अभियंता तक शामिल हैं।
अभियंताओं के हड़ताल पर जाने के कारण बिहार में सड़क से लेकर सिंचाई योजनाओं तक के कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। संघ के महासचिव राजेश्वर मिश्र ने बुधवार को दावा किया है कि राज्य के करीब सभी विकास योजनाएं ठप हो गई हैं। उन्होंने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि केन्द्रीय वेतनमान सहित कई मांगों को लेकर वर्ष 2009 से सरकार का ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास किया जा रहा है, परंतु सरकार ने इस तरफ कभी ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति के विरोध में हड़ताल पर जाने के अलावा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं बचा था। मिश्र ने कहा कि पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, लघु जलसंसाधन सहित कई विभागों में कार्य करीब-करीब ठप हो गए हैं। इधर, सरकार ने अभियंताओं से हड़ताल वापस लेने की अपील की है।
पथ निर्माण विभाग के मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि अभियंताओं की मांगों पर राज्य के मुख्य सचिव विचार कर रहे हैं। इस दौरान अभियंता संघ के लोगों से भी उनकी बात हुई है। ऐसे में अभियंताओं के हड़ताल पर चले जाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने हड़ताल पर गए अभियंताओं से तत्काल काम पर लौटने की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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