राहुल की उड़ी नींद और रो पड़ी सोनिया...
जयपुर। अपने युवराज राहुल गांधी को जहां कांग्रेस मेंनंबर दो की पोजिशन मिलने से कांग्रेसी नाच- गा रहे हैं वहीं राहुल गांधी की आंखों से नीद भाग गयी है। यह कहना है खुद राहुल गांधी की जिन्होंने बोला कि जब उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली, तो वो हैरान रह गये।
शनिवार को वो पूरी रात ठीक से सोनहीं पाये तो वहीं अपनी मां के बारे में उन्होंने कहा कि वो एकदम से मेरे कमरे में आयीं और मुझे देखकर रोने लगीं क्योंकि वो जानती हैं कि पावर एक जहर के समान है। राहुल ने उपाध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले भाषण में यह बातें लोगों से साझा की।
राहुल ने कहा कि मुझे एक बड़ी जिम्मेदारी का एहसास हो रहा है। मैं रात को ठीक से सो भी नहीं पाया। मैं रात को उठा और अपने कमरे की बालकनी में गया उस समय सुबह के चार बजे थे। काला अंधेरा छाया हुआ था बाहर और बहुत ठंड थी। राहुल ने अपनी करीबी बातें बांटकर यह जताने की कोशिश की वो अपने मिशन और पार्टी से दिल से जुड़े हैं।
अपने भाषण में राहुल ने कहा कि मैं सबकी सुनुंगा, मैं पार्टी में वकील की भूमिका नहीं बल्कि जज की भूमिका में रहूंगा। राहुल ने कहा कि हमें ऐसे नेता तैयार करने हैं जो देश के लिए काम करते हों, अगर कोई आकर पूछे कि कांग्रेस क्या करती है तो हम कह सके कि कांग्रेस देश के लिए नेता तैयार करती है जो कि देश के लोगों के दर्द और समस्याओं को महसूस करता है।वो आम आदमी की पार्टी है ना किसी जाति की और ना किसी धर्म की। राहुल गांधी इस पूरे चिंतन शिविर में अपनी मां के साथ बगल में बैठे रहे जैसे यह कहने की कोशिश कर रहे हों कि मां चिंता ना करो...आपका बेटा आपके साथ है।













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