पाकिस्तान के चक्कर में भाजपा-कांग्रेस के बीच युद्ध, ट्विटर पर मजाक

भारतीय सेना के जवान हेमराज के परिवार से मिलने के बाद सुषमा खुद को रोक नहीं सकीं और बोलीं, "हेमराज के एक सिर के बादले में भारतीय सेना को पाकिस्तानी सैनिकों के 10 सिर लाने होंगे।" यह बयान आने के थोड़ी ही देर बाद कांग्रेस प्रवक्ता व सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने सुषमा को आंखें दिखायीं और कहा, "पेशेवर सेनाएं युद्ध विराम समझौतों के नियमों का पालन करती हैं। उल्लंघनों पर रणनीतिक जवाब के जरिए जीत पाई जाती है इस प्रकार के बयानों से नहीं।"
बस फिर क्या था, पाकिस्तान के चक्कर में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक युद्ध शुरू हो गया। भाजपा के कई युवा कार्यकर्ताओं ने मनीष तिवारी का विरोध भी किया। भाजपा की यूपी इकाई के नेता विनोद तिवारी ने कहा मनीष तिवारी को सीधे सुषमा स्वराज पर उंगली नहीं उठानी चाहिये। उन्हें उनके बयान के पीछे दर्द को समझना चाहिये था।
वहीं ट्विटर पर तरह-तरह की बातें बनायी जा रही हैं- मधु किश्वर (@madhukishwar) ने कहा सुषमा स्वराज का खून की प्यास जताने वाले बयान से मुझे आघात पहुंचा है। 10 सिर लाने से हेमराज का सिर तो वापस नहीं आ जायेगा। उन्होंने आगे लिखा सुषमा स्वराज ने कहा कि अगर हेमराज का हेड नहीं मिलता, तो 10 हेड लेकर आओ, तो क्यों न हेडली से शुरुआत की जाये।
बेबर्ड (@bayabird) ने लिखा, "अगर हमारे जवान 10 सिर ले भी आये तो सुषमा स्वराज उसका क्या करेंगी?" जय हिन्द (@JayHind) के अकाउंट से लिखा गया सुषमा स्वराज हेड हंटर्स की तलाश क्यों कर रही हैं, क्या वो मोदी से पहले शीर्ष नेतृत्व चाहती हैं? फर्जाना वार्से (@farzana_versey) लिखती हैं, वैसे सुषमा स्वराज का कैलकुलेशन एकदम सही था। हमें ऐसा ही करना चाहिये।"
ट्विटर पर लोगों ने मनीष तिवारी की भी जमकर खिंचाई की। सुचेता दलाल (@suchetadalal) लिखती हैं मैं विश्वास नहीं कर सकती कि मनीष तिवारी चुपचाप सब कुछ देख रहे हैं, क्योंकि दिल्ली गैंगरेप के वक्त उनकी ओर से कोई बयान नहीं आया था। वहीं जय हिन्द ने लिखा कि मनीष तिवारी का बयान भी प्रोफेशनल नहीं था।












Click it and Unblock the Notifications