शीतकालीन सत्र शुरू होते ही हंगामें की भेंट चढ़ा
नई दिल्ली। देश की संसद में एक और महत्वपूर्ण सत्र शुरू हो गया है। शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले ही कांग्रेस से खार खाये बैठीं तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। सत्र शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई।
सत्र की मुख्य बातें-
-तृणमूल ने 19 सांसदों के दम पर नोटिस दिया। उनका अविश्वास प्रस्ताव संसद में आना मुश्किल लग रहा है। ऐसा इसलिये क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव को सत्र में लाने के लिये कम से कम 50 सांसदों की जरूरत होती है। फिलहाल अभी तक पता नहीं चला है कि सत्र में कौन-कौन तृणमूल के साथ हैं।
- सत्र 11 बजे शुरू हुआ और प्रणब मुखर्जी के बेटै अभिजीत मुखर्जी ने सांसद पद की शपथ ली।
- भाजपा के सांसद साईकिल से संसद पहुंचे।
- सत्र शुरू होने के 10 मिनट के भीतर ही भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
- सुबह 11:25 बजे भाजपा के हंगामें की वजह से लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
- 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन हंगामे की वजह से राज्य सभा कल तक के लिये और लोकसभा 3 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई।
- सत्र के पहले ही दिन ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा। अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस खारिज।
- भाजपा ने एफडीआई पर बहस के लिये नोटिस दिया है।
संसद की तस्वीरें और इस सत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

20 नवंबर तक चलेगा सत्र
इस साल का शीतकालीन सत्र 22 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 20 बार संसद की कार्यवाही क्रियान्वित की जायेगी। कुल 25 बिल प्रस्तावित हैं जिन्हें पास किया जाना है। वहीं 10 विधेयकों को रखा जायेगा।

बहुमत में है यूपीए
जैसा कि आपको मालूम है कि यूपीए सरकार इस समय पूर्ण बहुमत में है। लेकिन फिर भी तृणमूल के 19 सांसद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। अभी तक कोई भी अन्य दल ने खुले तौर पर तृणमूल के साथ खड़ा नहीं हुआ है।

रिटेल में एफडीआई
संसद में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी नेता विपक्ष सुषमा स्वराज के नेतृत्व में एफडीआई का विरोध दर्ज करेगा। भाजपा की मांग है कि यूपीए एफडीआई पर चर्चा करे। और फिर वोटिंग भी कराये।

महंगाई है अगला मुद्दा
महंगाई को लेकर सभी विपक्षी दल इस बार कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए को घेरने की तैयारी में हैं। कोयला आवंटन में भ्रष्टाचार, एलपीजी में सब्सिडी और बिगड़ती अर्थ व्यवस्था अन्य मुद्दे हैं।

भाजपा करेगी कड़ा विरोध
जैसा कि आपने संसद शुरू होते ही देखा होगा कि भाजपा इस समय कड़ा विरोध कर रही है। वहीं मायावती ने अपने सांसदों से यूपीए का विरोध करने से साफ मना कर दिया है। सपा के सांसद खुद ब खुद शांत बैठेंगे। हां सीपीआई चाहती है कि संसद की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चले।

विधेयक जो आयेंगे
- लोकपाल एवं लोकायुक्त बिल
- सरकारी नौकरी में एससी/एसटी को आरक्षण में संशोधन संबंधी बिल
- विसिल ब्लोअर प्रोटेक्शन बिल
- इंश्योरेंस बिल
- बैंकिंग नियम बिल (संशोधन)
- पेंशन फंड रेग्युलेटरी बिल
- डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल












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