सपा ने निभाया वायदा वापस लिए संजय दत्त के मुकदमें

गौरतलब है कि वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव के समय बाराबंकी, मऊ और प्रतापगढ़ जिलों में चुनाव प्रचार के दौरान संजय दत्त ने मायावती को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की थी। उस समय संजय दत्त समाजवादी पार्टी के महासचिव पद पर थे। संजय दत्त द्वारा मायावती के खिलाफ की गयी टिप्पणी के बाद प्रदेश में हंगामा शुरू हो गया। मायावती के निर्देश पर श्री दत्त के खिलाफ वर्ष 2009 के अप्रैल में आईपीसी की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामला इतना गंभीर हो गया कि उन्हें चुनाव प्रचार से दूर कर दिया गया।
सपा ने काफी प्रयास किया कि मामला सुलझ जाए इसके बाद वह न्यायालय की शरण में गए लेकिन वहां से भी संजय दत्त को राहत नहीं मिली। इस प्रकरण पर न्यायालय ने अपना निर्णय दिया और संजय दत्त को चुनाव प्रचार से दूर रहने के निर्देश मिले। सपा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल किया और संजय को चुनाव प्रचार से बाहर कर दिया। सपा ने उस वक्त बसपा को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार आने के बाद संजय दत्त पर दर्ज सभी मुकदमें वापस ले लिए जाएंगे। प्रदेश में सपा की सरकार आ गयी जिसके बाद उसे अपना वायदा याद आया और सरकार ने संजय पर दर्ज सभी मुकदमें वापस लिए जाने का आदेश दे दिया।












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