बीमे की रकम के लिए करायी खुद की हत्या

बीमा राशि हड़पने के लिए हत्या किए जाने की घटनाएं तो आम हो चुकी हैं लेकिन ऐसा यदा कदा ही देखा जाता है कि कोई व्यक्ति बीमा राशि को पाने के लिए अपनी ही हत्या करवा दे। प्रदेश के लखीमपुरी खीरी जिले में ऐसा ही मामला सामने आया जब 77 लाख रुपये की बीमा रकम दिलाने के लिए एक व्यक्ति ने मित्रों की मदद से खुद अपनी ही हत्या करा डाली।
पुलिस अधीक्षक दलबीर ङ्क्षसह ने बताया कि गत 19 सितम्बर की रात एक व्यापारी हरीश कुमार गुप्ता (50) का शव जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर शारदानगर मार्ग पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम में हत्या का कारण दम घुटना पता चला।
उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान हरीश गुप्ता का एक मित्र शत्रोहन लाल पुलिस के हाथ लगा जिससे पूछताछ की तो सारी गुत्थी सुलझ गयी। पूछताछ में पता चला कि हरीश कुमार गुप्ता पर बैंक और बाजार का करीब 45 लाख रुपये का कर्ज था और वह उसे अदा नहीं कर पा रहा था। कर्ज अदा करने के लिए उसके पास एक ही रास्ता था कि उसे अपनी बीमा की रकम 77 लाख रुपये मिल जाए।
हरीश ने अपने मित्र से कहा कि अगर वह मर जाये तो परिवार को बीमे का 77 लाख रुपया मिल जायेगा और उसके परिवार वालों का जीवन आसान हो जाएगा। इसके लिए उसकी हत्या होनी चाहिए। शत्रोहन ने बताया कि हरीश गुप्ता पर कर्ज वालों का काफी दबाव था। कर्जदार व्यापारी ने 19 सितम्बर को बैंक अधिकारियों पर अपनी हत्या का संदेह जाहिर करते हुए उच्चधिकारियों को पत्र भी भेजा था।
पत्र भेजने के बाद अगले दिन उसका शव शारदानगर मार्ग पर पड़ा मिला। पूछताछ में पता चला कि हरीश ने नींद की कई गोलियां खा लीं और बाद में उसके दोस्त शत्रोहन लाल ने एक अन्य मित्र के साथ गमछे से गला दबाकर हरीश की हत्या कर दी। हरीश की मौत के बाद शत्रोहन ने खुद को तमंचे से गोली मारकर घायल कर लिया ताकि किसी को शक न हो।












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