नए प्रस्ताव के लिए ममता को कॉल करेंगी सोनिया?

ऐसा बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने एक हफ्ते के अंदर ममता से दो बार बात करने की कोशीश की। उन्होंने मुकुल राय के जरिए संदेश भेजवाया था। उनके समर्थन वापसी के ऐलान के बाद ऐसे कयास लाए जा रहे थे कि देश में 2014 से पहले लोकसभा चुनाव हो सकते हैं। जल्दी ही देश की जनता को मध्यावधि चुनाव का भार सहना पड़ा सकता है, लेकिन इस समय कांग्रेस के लिए समाजवादी पार्टी संकटमोचन का काम कर रही है। ममता के समर्थन वापसी के बावजूद यूपीए के पास सरकार चलाने के लिए पूर्ण बहुमत है।
पूर्ण बहुमत होने के वाबजूद सरकार ममता के समर्थन के लिए पूरी कोशीश कर रही है। हालांकि सरकार को इस समय कोई खतरा नहीं है। ममता के समर्थन वापसी के बाद मुलायम सिंह यादव ने यूपीए को बड़ा सहारा दिया है। यूपीए को सपा, बसपा, राजद, जद-एस, वामदल से समर्थन प्राप्त है। सरकार के पास इस समय 306 सांसदों का समर्थन हासिल है। सरकार बनाने के लिए 271 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। इस कारण यूपीए सेफ-जोन में है। फिर भी विपक्ष को अपनी राजनीति चमकाने के लिए सरकार कोई मौका नहीं देना चाहती है।
बैठक खत्म होने के बाद पी चिदंबरम ने कहा है कि यूपीए अपने फैसले पर कायम है, हमको कोई फर्क नहीं पड़ता।












Click it and Unblock the Notifications