जल सत्याग्रहियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रूख अपनाया

सत्याग्रह स्थल पर बैठे लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध का जलस्तर 260 से 262 मीटर तक बढ़ा दिये जाने से आसपास के कई गांव में बाढ़ जैसी स्थिति हो गयी है और फसलें बरबाद हो गयी हैं। इसलिए वह सरकार से पुनर्वास और जमीन के बदले जमीन की मांग कर रहे हैं जिसके लिए वह पिछले 14 दिनों से नर्मदा नदी में जल सत्याग्रह कर रहे हैं।
जबकि सरकार ने इस पर अपना रूख पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह इस पर कोई समझौता नहीं करना चाहती। जिला प्रशासन ने आज लोगों को यहां से हटाने के लिए धारा-144 लागू कर दी लेकिन जब आन्दोलनकारियों ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्होने बल प्रयोग किया और लगभग 80 लोगों को वहां से भगाकर 100 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
इस वर्ष खंडवा में ओंकारेश्वर व हरदा में इंदिरा सागर बांध का जल स्तर बढ़ाया गया है। जिसके फलस्वरूप कई गांव डूबने की कगार पर है। इसी के विरोध में व अपनी मांगों को पूरी कराने को लेकर जल सत्याग्रह किया जा रहा था। गौरतलब है कि ओंकारेश्वर के जल सत्याग्रह की मांगे मान ली थी लेकिन इंदिरा सागर पर कोई बात नहीं की गयी।
जल सत्याग्रह क टीम अन्ना, इंडिया अंगेस्ट करप्शन, किसान संघ सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों द्वारा समर्थन किया जा रहा है।












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